बाजार में सन्नाटा गांव में बढ़ी चहल-पहल

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बागेश्वर। अश्विन माह आते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। ग्रामीण खेतों में घास व धान कटाई में व्यस्त हो गए हैं। पहाड़ में इन दिनों धान कटाई और घास कटाई का काम चरम पर है। घास काटने के लिए आज भी गांवों में (पल्ट) परंपरा जीवित है। जिला मुख्यालय में किराये पर रहने वाले अधिकतर लोग इन दिनों गांव में धान कटाई के कार्य में व्यस्त हैं। अश्विन माह में पहाड़ों में घास कटान के कार्य से कार्य प्रारंभ होता है। इसके कुछ दिनों बाद ही धान कटाई का कार्य प्रारंभ होने लगता है। इन दिनों काश्तकारों का परिवार तड़के सुबह ही खेतों में पहुंचकर कार्यों में मशगूल हो जाता है। दिन भर धान मढ़ाई व घास काटने के बाद परिवार के एक या दो सदस्यों को धान, पुवाल व घास को घर पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है तथा शेष सदस्य खेतों में काम में लगे रहते हैं।

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