रुड़की()। पिछले एक सप्ताह से शिक्षा नगरी में ठंड का कहर बढ़ता जा रहा है। रविवार को सुबह से ही कड़ाके की ठंड और ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। शीतलहर के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़कों पर आम दिनों की तुलना में आवाजाही कम नजर आई, वहीं बाजारों में भी रौनक फीकी पड़ी रही। आईआईटी रुड़की की कृषि-मौसम वेधशाला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट के कारण दिन भर ठिठुरन बनी रही। सुबह और शाम के समय ठंडी हवाओं के चलते ठंड का असर और भी ज्यादा महसूस किया गया। ठंड के कारण बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए, जबकि गर्म कपड़ों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है। चाय और गर्म खाद्य पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम है। घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।