सिमखेत की छात्रा की गलाघोटूं से मौत, कनलगड़ घाटी में डिप्थीरिया से हो चुकी सात मासूमों की मौत

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बागेश्वर। तहसील के सिमखेत गांव में गलाघोटूं बीमारी ने पांव पसार लिया है। गांव की एक बच्ची की इस बीमारी से मौत हो गई है। उसने हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में रविवार की रात अंतिम सांस ली है। सोमवार को परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। बीमारी से ग्रामीण दहशत में हैं। उन्होंने गांव में शिविर लगाने की मांग की है। सिमखेत गांव के हरीश सिंह की बेटी हर्षिता (12) एक हफ्ते पहले गलाघोटूं बीमारी की चपेट में आ गई थी। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। यहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पंत ने उनका इलाज किया। बच्ची में डिप्थीरिया के लक्षण मिले। बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे हल्द्वानी ले गए। रविवार को इलाज के दौरान उसका निधन हो गया। सोमवार की सुबह परिजन मासूम का शव लेकर गांव पहुंचे। बीमारी के गांव में पांव पसारने से सभी लोग दहशत में हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में शिविर लगाकर बच्चों का टीकाकरण करने और बीमारी की चपेट में आए बच्चों का इलाज करने की मांग की है।
कनलगड़ घाटी में डिप्थीरिया से हो चुकी सात मासूमों की मौत
बागेश्वर। गरुड़ से पहले कपकोट तहसील के कनलगड़घाटी में भी दस्तक दी थी। बीमारी से चचई गांव में हिमांशी (15) पुत्री मधन राम, नीरज कुमार (13) पुत्र गोपाल राम, विद्या (14) पुत्री दिनेश चंद्र, अंकित (6) पुत्र दीवान राम, सपना (14) पुत्री माधो राम, गौरव (03) पुत्र जोगा राम की मौत हुई है। इसके अलावा जगथाना निवासी कृष्णा (08) पुत्र प्रताप सिंह की मौत हुई है। उसकी दो बहनों का हल्द्वानी सुशीला तिवारी में इलाज चल रहा है। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ के डॉक्टर गांव पर निगरानी रखे हुए हैं। गांव में बीपीडी यानी वैल्यू ऑफ वैक्सीनेशन और टीडी यानी टेटनेस एंड डिप्थीरिया का टीकाकरण शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद डिप्थीरिया की शिकायत सामने आई है।

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