केदारपुरी में जमी है छह फीट बर्फ, छह मई को खुलेंगे कपाट

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रुद्रप्रयाग। इस वर्ष शीतकाल के दौरान केदारपुरी में हुई भारी बर्फबारी ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। पैदल मार्ग से भले ही बर्फ हटा ली गई हो, लेकिन केदारपुरी में छह फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है और अभी भी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इससे यात्रा व्यवस्थाएं जुटाने में अवरोध खड़ा हो सकता है। केदारनाथ धाम के कपाट आगामी छह मई को खोले जाने हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में समुद्रतल से 11657 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारपुरी इस बार बर्फ से पूरी तरह ढकी हुई है। लिनचोली से केदारपुरी के बीच के क्षेत्र में पैदल रास्ते के दोनों ओर छह फीट तक बर्फ है। जबकि, ग्लेशियर प्वांइट पर 15 फीट से अधिक बर्फ जमी है।
लिनचोली व केदारनाथ के बीच चार ग्लेशियर प्वाइंट हैं। प्रशासन ने हालांकि पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम पूरा कर दिया है। लेकिन, मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ने और बर्फबारी से कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली, पानी व संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी ठप पड़ी है। जिन्हें वर्तमान परिस्थिति में कपाट खुलने से पूर्व शुरू करना आसान नहीं होगा।
खास बात यह है कि यात्रियों को इस बार लगभग चार किमी का सफर बर्फ के ऊपर चलकर तय करना होगा। इसके अलावा पीने के पानी की व्यवस्था करना भी प्रशासन के लिए चुनौती होगा। दरअसल, ठंड अधिक होने के कारण पाइपों में पानी जम जाता है और पीने के पानी की व्यवस्था बर्फ पिघलाकर करनी पड़ती है।
यात्रा के शुरुआती चरण में बर्फ जमी होने के कारण केदारपुरी का तापमान शून्य से नीचे चला जाता है। इससे हृदय रोगियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। वर्ष 2012 में अप्रैल में धाम के कपाट खुले थे। भारी बर्फबारी के कारण तब ठंड काफी अधिक थी, जिससे पहले तीन दिनों ही 52 यात्रियों की हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। जबकि, वर्ष 2015 में 63 यात्रियों को जान गंवानी पड़ी।

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