छोटे निर्यातकों को सरकार का बड़ा तोहफा : सस्ता मिलेगा कर्ज, गारंटी की भी टेंशन खत्म; एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए दो नई स्कीमें लॉन्च

Spread the love

नई दिल्ली ,देश के छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक बाजार में मुकाबला करने और निर्यात के मोर्चे पर मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नए साल में बड़ा कदम उठाया है। वाणिज्य मंत्रालय ने 2 जनवरी को एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (श्वक्करू) के तहत दो महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है, जिनका सीधा लाभ उन एमएसएमई को मिलेगा जो विदेशों में अपना सामान बेचते हैं या निर्यात करने की योजना बना रहे हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य निर्यातकों को सस्ती दरों पर कर्ज उपलब्ध कराना, वित्त की आसान व्यवस्था करना और उन्हें नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करना है।
सरकार द्वारा लॉन्च की गई पहली योजना ‘इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीमÓ है, जिसके तहत एमएसएमई निर्यातकों को प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट दोनों तरह के एक्सपोर्ट क्रेडिट पर ब्याज में बड़ी राहत दी जाएगी। आमतौर पर एमएसएमई को बैंकों से कर्ज लेने पर 9.5 से 12.5 फीसदी तक ब्याज चुकाना पड़ता है, लेकिन इस स्कीम के लागू होने से उन्हें बाजार दरों से करीब 2.75 फीसदी कम ब्याज पर कर्ज मिल सकेगा। यह योजना साल 2025 से 2031 तक यानी अगले छह साल के लिए प्रभावी रहेगी और सरकार ने इसके लिए 5,181 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। कर्ज पर ब्याज दर रेपो रेट से जुड़ी होगी। साथ ही, सरकार ने साफ किया है कि जो निर्यातक पारंपरिक बाजारों से हटकर नए और उभरते हुए देशों में अपना माल भेजेंगे, उन्हें भविष्य में अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा।
दूसरी बड़ी राहत ‘कोलैटरल सपोर्ट फॉर एक्सपोर्ट क्रेडिटÓ स्कीम के जरिए दी गई है। इसके तहत अब एमएसएमई को बैंक से लोन लेने के लिए भारी-भरकम गारंटी देने या संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं होगी। कम कोलैटरल या थर्ड-पार्टी गारंटी पर भी एक्सपोर्ट लोन आसानी से मिल सकेगा, जिसे सीजीटीएमएसई (ष्टत्रञ्जरूस्श्व) के माध्यम से लागू किया जाएगा। यह पहल ऐसे समय में आई है जब अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैरिफ के कारण कई छोटे निर्यातक दबाव महसूस कर रहे हैं। सरकार ने दिसंबर में ही 25,060 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को मंजूरी दी थी और ये नई स्कीमें उसी दिशा में उठाया गया ठोस कदम हैं। इसका फोकस खासतौर पर लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स पर रहेगा, ताकि रोजगार और निर्यात दोनों को रफ्तार मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *