एसडीएम को सौंपा शिकायत पत्र, कार्रवाई की मांग की
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। कोटद्वार नगर निगम बनने के बाद हर समय सुर्खियों में रहा है। कभी नगर निगम कार्यालय में दस्तावेज खंगालने के वीडियो वायरल होने तो कभी सेनेटाइज और कभी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण। अब नगर निगम सहायक आयुक्त का फाइल फाड़ने का मामला प्रकाश में आया है। अधिकारी पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने कार्यालय में श्रम विभाग के अधीन लंबित पड़ी एक फाइल को फरियादी के समक्ष ही फाड़ दिया। इस घटना से सभी हैरान है। कैसे एक अधिकारी अपने कार्यालय में फरियादी की फाइल को फाड़ सकता है। महिला अधिकारी की कार्य प्रणाली की सभी आलोचना कर रहे है।
बीएलरोड रतनपुर सुखरो निवासी एक महिला ने नगर निगम कोटद्वार के सहायक नगर आयुक्त पर फाइल फाड़ने का आरोप लगाया। महिला नगर निगम में एसएनए के पास फाइल पर हस्ताक्षर कराने गई थी, लेकिन एसएनए ने हस्ताक्षर करने के बजाय सभी फाइल फाड़ कर कूड़े में फेंक दी। महिला का कहना है कोरोना महामारी के दौरान बड़ी मुश्किल से फाइल तैयार की थी, लेकिन एसएनए ने डेढ़ माह की मेहनत पर पानी फेर दिया। महिला ने एसडीएम को शिकायत पत्र सौंपकर एसएनए के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की। बता दें कि सरकारी स्टाम्प फाड़ना सख्त कानूनी अपराध है। जिसमें धोखाधड़ी के मुकदमें के साथ लंबी सजा का प्रावधान भी है।
बीएलरोड रतनपुर सुखरो निवासी सुषमा देवी पत्नी स्व. रघुवंशी ने एसडीएम योगेश मेहरा को सौंपे शिकायत पत्र में कहा कि वह एक गरीब महिला है। वह श्रमकार्ड धारक श्रमिक है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक को बेटी की शादी के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। करीब दो माह पहले कर्जा लेकर बेटी की शादी है। बेटी की शादी के बाद कोरोना महामारी के दौरान बड़ी मुश्किल से डेढ़ माह में समाज कल्याण विभाग से आर्थिक सहायता के लिए फाइल तैयार की। ताकि उसे आर्थिक सहायता मिल सकें और कर्जा उतार सकूं। सुषमा देवी ने बताया कि सोमवार को वह नगर निगम कोटद्वार के कार्यालय में एसएनए के पास फाइल पर हस्ताक्षर कराने गई। एसएनए से फाइल में लगे एक पेपर पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया तो एसएनए ने पूरी फाइल फाड़कर कूड़े में फेंक दी। जिसमें ओरीजनल स्टाम्प पेपर भी था। उन्होंने कहा कि सहायक नगर आयुक्त के इस तरह के व्यवहार से उन्हें मानसिक पीड़ा हुई है और डेढ़ में कड़ी मेहनत के बाद तैयार की गई फाइल के टुकड़े उठाकर वह साथ ले आई। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। सुषमा देवी ने एसएनए के व्यवहार की निंदा करते हुए उपजिलाधिकारी से तत्काल सीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उपजिलाधिकारी ने सुषमा देवी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। (फोटो संलग्न है)
बॉक्स समाचार
आर्थिक सहायता की आस टूटी
पीड़ित सुषमा देवी का यह भी आरोप है कि सहायक नगर आयुक्त लंबे समय से उन्हें अपने कार्यालय के चक्कर कटवा रही थी। पीड़िता ने बताया कि वह एक विधवा महिला है और उनकी बेटी की शादी का कर्ज उनके ऊपर है। श्रम विभाग की योजना से उन्हें कुछ पैसे मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सहायक नगर आयुक्त नगर निगम कोटद्वार द्वारा उनकी फाइल पास करने के बजाय फाड दी गई, जिससे पैसे मिलने की उम्मीद भी खत्म हो गई है। शहर में यह भी चर्चा का विषय बना है कि जब श्रम मंत्री की विधानसभा में श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के साथ इस तरह का व्यवहार अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है तो प्रदेश के अन्य जनपदों की स्थिति क्या होगी।