उत्तरकाशी()। जिला प्रशासन और सड़क संबंधित विभागों की अधूरी तैयारी के कारण बर्फबारी के तीसरे दिन भी लोगों को परेशान होना पड़ा। रवांई घाटी को जनपद मुख्यालय से जोड़ने वाला धरासू-फूलचट्टी यमुनोत्री हाईवे राड़ी टॉप में करीब 52 घंटे बाद आवाजाही के लिए खुला। गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप में बीते शनिवार देर शाम से फंसे ट्रक के कारण दोपहर तक वहां पर जाम की स्थिति बनी रही। साथ ही सुक्की से आगे आवाजाही अभी भी बंद है। बीते शुक्रवार को हुई बर्फबारी ने जिला प्रशासन और सड़क संबंधित विभागों की तैयारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। स्थिति यह है कि बर्फबारी के दो दिन तक चटख धूप के बावजूद बीआरओ, एनचआईडीसीएल, लोनिवि, पीएमजीएसवाई आदि विभाग अपनी सड़कों पर आवाजाही शुरू नहीं करवा पाए हैं। गंगोत्री हाईवे रविवार शाम तक भी सुक्की टॉप से आगे आवाजाही के लिए नहीं खुला था। स्थानीय निवासी संजय पंवार ने बताया कि बीते शनिवार शाम को सुक्की टॉप में एक बड़ा ट्रक फंस गया था। इस कारण रविवार सुबह से दोपहर तक करीब आठ घंटे लोगों को जाम के कारण परेशान होना पड़ा। शासन-प्रशासन शीतकालीन यात्रा की बात करता है लेकिन एक दिन की बर्फबारी ने इसके सभी हवाई दावों की हकीकत को बयां कर दिया है।
दूसरी ओर धरासू-फूलचट्टी यमुनोत्री हाईवे पर गिन्योटी से ओरछा बैंड और फोटो बैंड तक करीब 15 से 20 किमी लंबी सड़क पर आवाजाही शुरू करवाने के लिए एचएचआईडीसीएल ने 52 घंटे का समय ले लिया। भाजपा जिला महामंत्री परशुराम जगूड़ी ने कहा कि एनएचआईडीसीएल की लापरवाही के कारण आम लोगों को परेशान होना पड़ा। उनकी ओर से न ही सड़क पर चूना डाला जा रहा है। साथ ही अनुभवहीन कार्य कारण लोग परेशान है। साथ ही उत्तरकाशी-लंबगांव सड़क पर भी चौरंगी जाने वाले लोगों को दिनभर जाम से फिसलन भरी सड़क पर जूझना पड़ा। इसके अलावा जनपद के 18 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि राड़ी में आवाजाही में फिसलन है। वहां पर चूना डालकर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सुक्की टॉप से हर्षिल तक आज शाम को आवाजाही शुरू करवाई जाएगी। साथ ही उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग कुछ जगहों पर परेशानी है।