एसएसपी की पहल लाई रंग, दो दिनों में पुलिस ने 12 खोये लोगों को अपनो से मिलाया

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कांवड़ियों के लिए वरदान साबित हो रहे डिजिटल खोया-पाया केंद्र
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे के निर्देशन में पौड़ी पुलिस द्वारा कांवड़ मेला क्षेत्र मेें छ: डिजिटल खोया-पाया केंद्र स्थापित किये गये है। यह केंद्र कांवड़ियों के लिए वरदान साबित हो रहे है। दो दिन में पौड़ी पुलिस ने 12 खोये हुए लोगों को अपनो से मिलाया है।
यात्रियों के लिए स्थापित किए गए डिजिटल खोया पाया केंद्रों के माध्यम से उनके परिजनों को ढूंढ कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा रहा है। साथ ही पौड़ी पुलिस के खोया-पाया केन्द्र में तैनात पुलिस कार्मियों का यात्रियों के प्रति मधुर व्यवहार यात्रा व्यवस्थाओं के संचालन में सहायक सिद्ध हो रहा है। पौड़ी पुलिस की मीडिया सेल से मिली जानकारी के अनुसार गत सोमवार को श्री नीलकंठ कांवड़ मेला यात्रा के दौरान श्रीमती राधा देवी (उम्र 62 वर्ष) पत्नी श्री आसुराम खाती निवासी बीकानेर, राजस्थान अपने परिजनों से बिछड़ गई थी। जिन्हें जानकी पुल चौकी खोया पाया केन्द्र पर नियुक्त कार्मिकों द्वारा उनके परिवारजनों के सुपुर्द किया गया। चौकी रामझूला खोया पाया केन्द्र पर एक व्यक्ति सूरजभान (उम्र 80 वर्ष) निवासी हरियाणा जो अपने परिजनों के साथ नीलकंठ दर्शन हेतु आए थे, यात्रा के दौरान उनसे बिछड़ गए। चौकी रामझूला खोया पाया केन्द्र पर नियुक्त कर्मियों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अथक प्रयासों से सूरजभान को उनके भाई रामनिवास के सकुशल सुपुर्द किया गया। मंगलवार को धर्मेन्द्र (उम्र 26 वर्ष), पुत्र श्री ईश्वर निवासी राठीवास, जिला मेवात जो कि अपने परिवारजनों से नीलकंठ में बिछड़ गए थे, जिन्हें जानकी पुल चौकी खोया पाया केंद्र पर नियुक्त कार्मिकों द्वारा उनके परिवारजनों के सुपुर्द किया गया। श्रीमती अंबिका उर्फ रानू निवसी ग्राम कटक, जिला पोंडा की बेटी जो कांवड़ मेले के दौरान भीड़ में खो गई थी। नीलकण्ठ चौकी खोया पाया केंद्र पर नियुक्त कार्मिकों की तत्परता से डेढ़ वर्ष की बच्ची चासी को बच्ची की मां रानू के सुपुर्द किया गया। खोए हुए लोगों के मिलने से परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

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