पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी मुखर

Spread the love

रुद्रप्रयाग। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) प्रांतीय कार्यकारिणी उत्तराखंड के आह्वान पर जनपदीय कार्यकारिणी द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इसके साथ ही सांसद और विधायकों को भी इस मामले में प्रतिलिपि दी गई। जिलाधिकारी मनुज गोयजल के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में पुरानी पेंशन बहाली मंच ने कहा कि 1 अक्टूबर 2005 के बाद सरकारी सेवा में नियुक्त अधिकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को अभिलंब पुरानी पेंशन देने की मांग की गई। नई पेंशन योजना बाजार के उतार-चढ़ाव पर आधारित है जिसे भविष्य के परिणामों से कर्मचारी अपने भविष्य को सुरक्षित महसूस कर रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद उसे अपने परिवार के भविष्य को लेकर असुरक्षा महसूस हो रही है। इसी के लिए वह 10 वर्षों से राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन कर्मचारी अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं। देश और प्रदेश के सभी अधिकारी कर्मचारी व शिक्षक पुरानी पेंशन योजना का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के साथ ही सांसद विधायक से उत्तराखंड के करीब अस्सी हजार नई पेंशन योजना से आच्छादित कार्मिक अभिलंब पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग कर रहा है। ज्ञापन देने वालो में महामंत्री राजीवलोचन राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसएस राणा, महिला उपाध्यक्ष रितु नैथानी, कोषाध्यक्ष राजेश पुरोहित, संगठन मंत्री राजेश गैरोला आदि मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *