आंकड़े जनलोकोपयोगी नीति निर्माण में होगें सहायक

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : उप निदेशक अर्थ एवं संख्या टीएस अन्ना ने कहा कि मॉड्यूलर सर्वेक्षण के आंकड़ो से सतत् विकास लक्ष्यों (2015-30) तक के लक्ष्यों, अवस्थिति व उपलब्धियों का आंकलन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आंकड़े राज्य व भारत सरकार स्तर पर जनलोकोपयोगी नीति निर्माण किये जाने में सहायक सिद्ध होंगे।
उप निदेशक, अर्थ एवं संख्या गढ़वाल मंडल कार्यालय के तत्वाधान में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण 79वीं आवृत्ति के सर्वेक्षण हेतु कार्यशाला बीते सोमवार को विकास भवन सभागार पौड़ी में आयोजित की गई। उप निदेशक अर्थ एवं संख्या टीएस अन्ना ने कहा कि 79वीं आवृत्ति में इस वर्ष के सर्वेक्षण का विषय आयुष चिकित्सा पद्धती रहा। जिसमें आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक, चिकित्सा, होमियोपैथी एवं यूनानी सहित अन्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि उपयोग के स्तर के बारे में आंकड़ों का संकलन तथा व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वेक्षण के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों के कई संकेतकों के आंकड़े संकलन टैबलेट के माध्यम से किया जाना है। कार्यशाला में सर्वेक्षकों द्वारा प्रथम इकाई के सर्वेक्षण के पश्चात आंकड़े के संग्रहण में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण व शंका-समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में अर्थ एवं संख्या निदेशालय देहरादून से उप निदेशक डॉ0 इला पंत, मंडलीय अर्थ एवं संख्याधिकारी शिल्पा भाटिया सहित गढ़वाल मंडल के सभी जनपदों से अपर सांख्यिकीय अधिकारियों व क्षेत्र सर्वेक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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