जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में नजीबाबाद चौराहे में गढ़वाल की रानी लक्ष्मीबाई के नाम से विख्यात महान वीरांगना तीलू रौतेली की प्रतिमा को स्थापित कर दिया गया है।
पूर्व में प्रतिमा को नजीबाबाद चौराह के समीप एक किनारे पर लगाया गया था। जिससे प्रतिमा दिखाई नहीं देती थी। ऐसे में स्थानीय लोग लगातार प्रतिमा को चौराहे के बीच स्थापित करने की मांग उठा रहे थे। इसी के तहत सोमवार रातों-रात नगर निगम ने चौराह के समीप स्टेंड तैयार किया और क्रेन की मदद से उसके ऊपर वीरांगना तीलू रौतेली की प्रतिमा को स्थापित किया। प्रतिमा के बीच चौराह में स्थापित होने का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली का अदम्य व शौर्य का इतिहास रहा है। तीलू रौतेली एक ऐसा नाम हैं जो रानी लक्ष्मीबाई, दुर्गावती, चांदबीबी, जियारानी जैसी पराक्रमी महिलाओं में अपना एक उल्लेखनीय स्थान रखता हैं। 15 से 20 वर्ष की आयु में सात युद्ध लड़ने वाली तीलू रौतेली संभवत विश्व की एक मात्र वीरागना है। कोटद्वार के बीच चौराह में प्रतिमा स्थापित होने से युवा पीढ़ी को उनके इतिहास को जानने का मौका मिलेगा।