नगर निगम की ओर से पालतू कुत्तों के लिए बनाई जा रही योजना
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में आवारा कुत्ते आमजन के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। हालत यह है कि नगर निगम पालतू कुत्तों के लिए तो योजना तैयार कर रहा है। लेकिन, आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया रहा। स्थिति यह है कि बेस अस्पताल में प्रतिदिन आठ से दस लोग रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए बेस अस्पताल में पहुंच रहे हैं। शहर में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी सेंटर निर्माण की कवायद धरातल पर शुरु नहीं हो पाई है।
नगर निगम शहर में पालतू कुत्तों को पालने व इनके पंजीकरण के लिए बायलाज तैयार कर रहा है। लेकिन, शहर में लगातार बढ़ती स्ट्रीट डाग्स की संख्या को लेकर नगर निगम लापरवाह बना हुआ है। ऐसे में स्ट्रीट डाग्स शहरवासियों के लिए चुनौती बन रहे हैं। हर गली-मोहल्लें में घूमते स्ट्रीट डाग्स का झूंड बच्चों व आमजन को जख्मी कर रहा है। नगर निगम की ओर से जहां एक ओर आवारा कुत्तों के टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। वहीं, खतरनाक हो रहे कुत्तों का उपचार करवाया जा रहा है। साथ ही नगर निगम को ओर से एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के लिए झंडीचौड़ क्षेत्र में भूमि आवंटित की गई है। लेकिन, शासन की ओर से सेंटर निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त न होने के कारण सेंटर की स्थापना का कोई कार्य शुरु नहीं हो पाया है। हालांकि, महापौर शैलेंद्र सिंह रावत ने पिछले दिनों उक्त भूमि का निरीक्षण कर जल्द भवन निर्माण कार्य को शुरु करने के निर्देश दिए थे।
जख्मी कर रहे स्ट्रीट डाग्स
बेस अस्पताल में प्रतिदिन आठ से दस लोग रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। चार दिन पूर्व ही एक दिन में कुत्तों ने बीस से अधिक लोगों को काट दिया था। इससे एक माह पूर्व एक ही दिन में कुत्तों ने पचास लोगों को जख्मी कर दिया था। गली-मोहल्ले में बैठे स्ट्रीट डाग्स दोपहिया वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है।