जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में बनी है गुलदार की धमक
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में जंगली जानवरों की धमक बढ़ने लगी है। ऐसे में जानवरों से सुरक्षा के लिए आबादी क्षेत्र में लगाई गई स्ट्रीट लाइट ने भी धोखा देना शुरु कर दिया है। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई है। ऐसे में रात के समय राहगीरों को मानव वन्य जीव संघर्ष का खतरा बना हुआ है। शिकायत के बाद भी नगर निगम समस्या को लेकर लापरवाह बना हुआ है।
वर्ष 2018 में नगर निगम गठन के बाद करीब चालीस लाख रुपये की लागत से वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी। जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में भी स्ट्रीट लाइट लगने से लोगों को काफी राहत मिली। लेकिन, वर्तमान में कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई है। कई स्थानों पर तो स्ट्रीट लाइट की रोशनी इतनी कम हो गई है कि उसका लगना व न लगना बराबर हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी सनेह, कुंभीचौड़, शिवपुर, झंडीचौड़ सहित भाबर के अन्य स्थानों पर बनी हुई है। स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से लोगों को जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। अंधेरे के कारण लोगों ने जंगल से सटे मार्गों पर आवागमन करना भी बंद कर दिया है। कुंभीचौड़ क्षेत्र के लोगों ने कुछ दिन पूर्व नगर निगम से इसकी शिकायत भी की थी। लोगों का कहना था कि इन दिनों जंगल से सटे मार्गों पर हाथी की धमक बढ़ रही है। ऐसे में स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवाया जाना चाहिए। बावजूद नगर निगम ने समस्या को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। ऐसे में लोग रात के समय शादी समारोह में जाने से भी घबरा रहे हैं।
अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग
कुंभीचौड़, झंडीचौड़ सहित अन्य क्षेत्रों के लोग जंगल से सटे मार्गों पर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइन लगवाने की भी मांग उठा रहे हैं। लेकिन, नगर निगम का ध्यान केवल बाजार क्षेत्र के वार्डों में ही बना हुआ है। जबकि, कुंभीचौड़, शिवपुर सहित अन्य स्थानों पर हाथी को रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। ऐसे में लगातार हाथी की धमक आबादी में बढ़ रही है।