श्रीनगर गढ़वाल : गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र और स्पिक मैके की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन करने वाली ओडिसी नृत्यांगना अभयालक्ष्मी ने एमए थिएटर के छात्र-छात्राओं को नृत्य और अभिनय में भाव भंगिमाओं के बारे में जानकारियां दी। अभयालक्ष्मी देश-विदेश के स्थापित कलाकारों के साथ कार्यशालाएं, कक्षाएं व प्रस्तुतियां आयोजित करती हैं। वे पद्मश्री गुरु अरुणा मोहंती की वरिष्ठ शिष्या हैं। अभयालक्ष्मी ने नृत्य की शुरुआत 6 वर्ष की आयु में कोयंबटूर स्थित टेम्पल ऑफ फाइन आट्र्स इंटरनेशनल से भरतनाट्यम प्रशिक्षण के साथ की। अभयालक्ष्मी ने भगवान जगन्नाथ से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग और मुस्लिम कवि सालवेग के प्रसिद्ध भजन ”आहे निला सैला” पर नृत्य प्रस्तुत किया। लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र के निदेशक गणेश खुगशाल गणी ने कहा कि स्पिक मैके के माध्यम से केन्द्र के शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों से साक्षात कराने में सफलता मिलेगी। इस मौके पर डॉ. मारिषा पंवार, गढ़वाल संभाग प्रभारी परवेज अहमद आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)