जयन्त प्रतिनिधि।
थलीसैंण : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय थलीसैंण में नमामि गंगे इकाई एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में ‘गंगा स्वच्छता’ पखवाड़ा’ कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को नर्सरी बेड बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
उद्यान विभाग, थलीसैंण में कार्यरत मंगलेश्वरी देवी एवं कमला देवी ने बताया कि बताया कि नर्सरी लगाने से पहले पौध तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया की समझ होना जरूरी है। एक सफल नर्सरी वही है, जिसे वैज्ञानिक मानकों, सही किस्मों के चयन और पौधों की उपयुक्त देखभाल के साथ तैयार किया जाए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि नर्सरी लगाने से पहले मिट्टी, जलवायु, किस्मों, रोग प्रबंधन और पौध उत्पादन की तकनीक पर ठोस ज्ञान अवश्य लें। बताया कि नर्सरी बेड के लिए ऊपरी भूमि का चयन करना चाहिए, जहां पूरे दिन सूर्य की रोशनी मिले। वह भूमि मवेशियों से सुरक्षित हो तथा वहां सिचाई की व्यवस्था हो। कहा कि नर्सरी लगाते व लगाने के बाद फल व सब्जियों में लगने वाले कीट व रोग के बारे में सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है, रोग से बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र चन्द्र सिंह, वनस्पति विज्ञान प्रभारी डॉ. छाया सिंह, डॉ. विवेक रावत, दिव्या, किरन, हेमा, अमीषा, मनीषा, नेहा, शुभम ढौंडियाल, अनिल सिंह, तरुण सिंह गुसाईं आदि मौजूद थे।