श्रीनगर गढ़वाल : गढ़वाल विश्वविद्यालय में एनईपी सारथी की ओर से “संयोगिता मंच भारतीय भाषा उत्सव” के अंतर्गत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली, कुमाउंनी, भोजपुरी, राजस्थानी, सिंधी, ब्रज और अवधी सहित विभिन्न भाषाओं व बोलियों में अपनी प्रस्तुतियां देकर सांस्कृतिक विविधता की झलक पेश की। आयोजन के माध्यम से भाषाई परंपराओं के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। यह पहल नई शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुख्य अतिथि प्रो. एमसी सती ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण और उनके व्यापक उपयोग पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रशांत कंडारी ने बहुभाषिक शिक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया। प्रतियोगिता में नीरज बर्थवाल ने प्रथम, ऋषभ र्वा ने द्वितीय तथा वैशाली त्रिपाठी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में डॉ. कपिल देव पंवार, डॉ. अनुराही और डॉ. नितिन बिष्ट शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन एनईपी सारथी समन्वयक डॉ. चन्द्रशेखर जोशी के निर्देशन में किया गया। (एजेंसी)