विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए बिजनेस आईडियाज

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में उच्च शिक्षा विभाग व भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान की ओर से आयोजित उद्यमिता विकास कार्यशाला (ईडीपी) का शनिवार को समापन हो गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा बिजनेस आईडियाज की प्रस्तुति एवं भारत सरकार के एमएसएमई. पोर्टल पर उद्यम रजिस्ट्रेशन किया गया।
कार्यक्रम की का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) डीएस नेगी, महाविद्यालय उद्यमिता केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता एवं कार्यक्रम समन्वयक मनीष राणा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रमके प्रथम एवं द्वितीय सत्र में कार्यक्रम समन्वयक मनीष राणा द्वारा 15 प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई.) के पोर्टल पर ऑनलाइन उद्यम रजिस्ट्रेशन कराया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं द्वारा अपने बिजनेस आईडियाज प्रस्तुत किए गए। जिसमें निर्णायक मंडल द्वारा आंगनवाड़ी गवर्नमेंट मर्चेंट एजुकेशन पर कुलदीप सिंह के बिजनेस आइडिया को प्रथम स्थान, स्वाति एवं पूनम के कृषि पॉलीहाउस के बिजनेस आइडिया को द्वितीय स्थान, क्लाउड किचन पर प्रस्तुत तनीषा ठाकुर के बिजनेस आइडिया को तृतीय स्थान प्रदान किया। प्रेरणा, महिमा अग्रवाल एवं आंचल के बुक कैफे पर प्रस्तुत किए गए बिजनेस आइडिया को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। उद्यमिता केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने 12 दिवसीय उद्यमिता कार्यक्रम की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि विगत 12 दिवसों में विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं को सैद्धांतिक व्याख्यानों के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण के अंतर्गत हैंडीक्राफ्ट उत्पाद जैसे बांस से लैंप, ट्रे, बास्केट, फैब्रिक ज्वेलरी बनाना, जूट के बैग बनाना, घरेलू अनुपयोगी सामग्री से सजावटी सामान बनाने, डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने तथा मार्केट सर्वे के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को विभिन्न ग्रुपों में बांटकर मेडिकेयर, ब्यूटी पार्लर, बेकरी, कॉमन सर्विस सेंटर, रेडीमेड गारमेंट्स, मोबाइल शॉप्स तथा हैंडीक्राफ्ट की दुकानों के मार्केट सर्वे का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दसवें दिन फील्ड विजिट के दौरान छात्र-छात्राओं को रामपुर, कुंभीचौड़, कोटद्वार में स्थित ऑर्गेनिक फार्म में ले जाकर पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, पोली हाउस से सब्जी एवं फलों का उत्पादन, जर्मन शेफर्ड कुत्ता पालन तथा गोमूत्र से जीवामृत बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर डा. प्रियंका अग्रवाल द्वारा किया गया। डॉ. सरिता चौहान, डॉ. सुनीता नेगी एवं डॉ. मीनाक्षी वर्मा आदि मौजूद रहे।

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