जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एनएसएस के विशेष शिविर के तीसरे दिन समसामयिक विषयों पर चर्चा की गई। इस मौके पर रसायन विभाग प्रभारी प्रो. एस.पी. मधवाल ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और तर्कसंगत सोच विकसित करने पर बल दिया। डॉ. डी.एस. चौहान ने अनुशासन और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया। डॉ. अभिषेक कुकरेती ने युवाओं को अपने अतीत से सीख लेकर भविष्य निर्माण करने की प्रेरणा दी। वहीं हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. उमेश ध्यानी ने भाषा और अभिव्यक्ति कौशल को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया
इस दौरान सोशल मीडिया की उपयोगिता, जनप्रतिनिधि के रूप में युवाओं की भूमिका तथा स्वयं सेवकों की भविष्य की योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की गई। स्वयं सेवकों ने अपने विचार खुलकर व्यक्त किए और समूह चर्चा के माध्यम से नई दृष्टि विकसित की। सत्र को और अधिक रोचक बनाने के लिए प्रतिभागियों ने अपनी स्वलिखित कविताओं की प्रस्तुति दी। वक्ताओं ने स्वयं सेवकों को केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक रूप से भी सशक्त बनने का संदेश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि युवा सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें। साथ ही, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और सामूहिक कार्यशैली को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।