नई दिल्ली ,। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसे लोगों को जागरूक करना चाहिए, मुआवजा देना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए, जिन्होंने साइबर धोखाधड़ी में अपनी मेहनत की कमाई गंवा दी है।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब उन्होंने म्यूल बैंक खातों का निर्माण कर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचने के एक आरोपित परमजीत खरब को जमानत दे दी।
म्यूल बैंक अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होता है जिसका इस्तेमाल साइबर ठग हड़पी गई रकम को ट्रांसफर कराने के लिए करते हैं। जस्टिस नागरत्ना ने अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) एसडी संजय से कहा कि सरकार और पुलिस को कमजोर पीड़ितों विशेषकर बुजुर्गों की सुरक्षा और मुआवजे के लिए कदम उठाने चाहिए।