श्रीनगर गढ़वाल : ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध सहकारिताओं को मजबूत कर रोजगार सृजन और पलायन रोकने की दिशा में श्रीनगर आंचल डेयरी की ओर से अहम पहल की जा रही है। जिला योजना, एनपीडीडी योजना और पलायन रोकथाम योजना के तहत नई दुग्ध समितियों के गठन के लिए ग्राम स्तर पर सर्वे कार्य प्रगति पर है। दुग्ध संघ श्रीनगर के प्रधान प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत जिला योजना में तीन, एनपीडीडी योजना में छह व पलायन रोकथाम योजना के तहत चार नई दुग्ध समितियों का गठन प्रस्तावित है। इन समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे दुग्ध व्यवसाय से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर आय के साधन उपलब्ध होंगे और पलायन पर रोक लगेगी। बताया कि दुग्ध समितियों के संचालन के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें स्टेशनरी, मिल्क कैन, डाटा प्रोसेसिंग व्यवस्था, मिल्क कलेक्शन यूनिट और फर्नीचर शामिल हैं। समितियों से प्रतिदिन दूध संग्रह किया जाएगा जिसे श्रीनगर आंचल डेयरी की प्रोसेसिंग यूनिट में लाकर गुणवत्ता जांच के बाद उपयोग में लिया जाएगा। प्रधान प्रबंधक ने कहा कि वर्तमान में जो दुग्ध प्रसंस्करण कार्य किया जा रहा है, उसमें इस योजना से उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही दुग्ध उत्पादकों को प्रत्येक माह नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पूरी योजना के क्रियान्वयन से 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। (एजेंसी)