सरकारी स्कूल में बच्चों का यौन शोषण करने वाला शिक्षक निलंबित, पाक्सो एक्ट में दर्ज है केस

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रानीखेत। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्यालीखेत में बच्चों के यौन उत्पीडन प्रकरण में आरोपित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में मुख्य शिक्षाधिकारी ने बीती शाम अपर निदेशक (कुमाऊं) को संस्तुति की थी।
साथ ही विभागीय स्तर पर समिति गठित कर जांच जिला शिक्षाधिकारी (डीइओ) को सौंप दी गई है। उधर कानूनी जांच रेगुलर पुलिस के सुपुर्द किए जाने के बाद महिला हेल्प लाइन प्रभारी एवं थानाध्यक्ष ने विवेचना शुरू कर दी है। वहीं कथित अवकाश पर चल रहे शिक्षक पर शिकंजा भी कसता जा रहा है।
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्यालीखेत (ताड़ीखेत ब्लक) में तैनात शिक्षक ऐवरन सिंह गंगवार पर क्षेत्र के कुछ अभिभावकों ने उनके बच्चों के यौन उत्पीडन का सनसनीखेज आरोप लगाया था। कुछ विद्यार्थियों के स्कूल न जाने की जिद पर अभिभावकों ने कुरेदा तो मामला खुला था। इस पर जनाक्रोश भड़क उठा था। बीती गुरुवार को ग्रामीण व अभिभावकों ने विद्यालय पहुंच हंगामा काटा। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर विगत शुक्रवार को गुस्साए लोग दिनभर तहसील मुख्यालय में डेरा डाले रहे। तहरीर पर नायब तहसीलदार ने हालांकि शाम को पाक्सो समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
अब सीइओ सुभाष भट्ट की संस्तुति पर अपर निदेशक (कुमाऊं) ने आरोपित शिक्षक गंगवार को प्रथम दृष्टड्ढया दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया है। डीइओ सत्यनारायण को जांच अधिकारी नियुक्त कर सीइओ ने समिति से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। ताकि उसे उच्च स्तर पर भेजा जा सके।
मुख्य शिक्षाधिकारी सुभाष भट्ट ने बताया कि जिस विद्यालय में आरोपित शिक्षक 16 वर्षों से तैनात रहे, वहां उन्हीं के विरुद्घ जनाक्रोश को देखते हुए किसी और विद्यालय में भेजना ठीक नहीं था। हमने उन्हें सीइओ कार्यालय से अटैच कर दिया था। लेकिन एफआइआर होने के बाद निलंबन की संस्तुति कर दी थी। जांच समिति जो रिपोर्ट देगी उसी आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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