चमोली : 1 सितम्बर को गैरसैंण में होने जा रही स्वाभिमान महारैली की तैयारियों को लेकर मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति की टीम जनसंपर्क में जुटी हुई है। इसके लिए संघर्ष समिति द्वारा शनिवार को गैरसैंण में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर महारैली को लेकर रणनीति बनाई। मूल निवास, भू-कानून समन्वय समिति के केन्द्रीय संयोजक मोहित डिमरी ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया मूल निवास, भू-कानून के मुद्दे पर आन्दोलन और महारैली की रूप रेखा पर चिंतन मंथन किया गया। लंबे समय से मूल निवास 1950 की मांग चल रही है। मूल निवास न होने से बाहर से आये लोग हमारी नौकरियों पर डाका डाल रहे हैं। आसानी से जमीनें खरीद रहे हैं। ठेकेदारी तक बाहर से आने वाले लोग कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ भी बाही लोग ले रहे हैं। उत्तराखंड का मूल निवासी अपने राज्य में अल्पसंख्यक होने जा रहा है। जमीन, नौकरी, संस्कृति, संसाधन सब खतरे में है। हमें अपने राज्य में अपने अस्तित्व को बचाना है तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना होगा और अपने अधिकार लेने होंगे। (एजेंसी)