स्वानों की कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी से हो रही मौतें, पशु प्रेमियों ने की संक्रमण पर रोक लगाने की मांग

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भाबर क्षेत्र में पिछले एक माह से निराश्रित स्वानों में कैनाइन डिस्टेंपर की बीमारी लगातार फैलने से स्वान असमय मौत का शिकार हो रहे हैं। पशु प्रेमियों ने पशुपालन विभाग से संक्रमण को रोकने की मांग की है।
पशु प्रेमी संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह रावत, आकृति गौ सेवा संस्था की संचालक सुषमा जखमोला, आकांक्षा रावत, ऋतु डुकलान, हिमांशु शाह, विशाल माने, आशीष अग्रवाल आदि ने बताया कि पिछले एक माह से क्षेत्र में स्वानों में कैनाइन डिस्टेंपर नामक बीमारी फैल रही है। बताया कि स्वानों (कुत्तों) में कैनाइन डिस्टेंपर एक अत्यधिक संक्रामक और जानलेवा वायरल बीमारी है, जो बुखार, आंखों एवं नाक से मवाद, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी, दस्त और तंत्रिका संबंधी समस्याओं (दौरे) का कारण बनती है। यह हवा या सीधे संपर्क से तेजी से फैलती है, खासकर कम प्रतिरक्षा वाले पिल्लों में। इसका कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, इसलिए समय पर टीकाकरण ही बचाव का एकमात्र तरीका है। यह वायरस बहुत घातक है और इसके परिणाम स्वरूप स्थायी तंत्रिका क्षति या मृत्यु हो सकती है, इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है। कलालघाटी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध रंजन ने बताया कि नगर निगम की ओर से भाबर के 14 वार्डों के लिए 200 वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई थी। जबकि भाबर क्षेत्र में स्वानों की संख्या बहुत अधिक है। वैक्सीन कम मिलने से सभी स्वानों पर टीकाकरण नहीं हो पाया जिस कारण बीमारी फैली है। पशुपालन विभाग द्वारा संक्रमण फैलने पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा।

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