ऋषिकेश। राज्य आंदोलनकारी विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर कार्रवाई की मांग को लेकर मुखर हो गए हैं। उन्होंने तीनों नेताओं पर राज्य की अस्मिता को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने महज कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे को नाकाफी बताया है। कहा कि भाजपा सरकार वाकई उत्तराखंड की अस्मिता का सम्मान करती है, तो वह इन तीनों नेताओं पर भी शीघ्र कार्रवाई करके दिखाए। नगर निगम स्थित स्व. इंद्रमणि बड़ोनी हॉल में मंगलवार को आयोजित बैठक में आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रदेश का कोई भी निवासी क्षेत्रवाद का समर्थक नहीं है। बावजूद, पहाड़ की अस्मिता के साथ खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। कहा कि इस प्रकरण में जितने दोषी कैबिनेट मंत्री प्रेमंचद अग्रवाल थे, उतने ही गुनाहगार विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व मंत्री सुबोध उनियाल भी हैं। उन्होंने यहां के मूल निवासियों को दूसरे प्रदेश को बताया तो विधानसभा में राज्य के लोगों की आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधि को बाहर का रास्ता दिखा दिया। नेता के बयान से राज्य आंदोलनकारियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि भाजपा सरकार ने अभी तक आखिर क्यों इन नेताओं पर कार्रवाई नहीं की है। आरोप लगाया कि शायद सरकार ही राज्य में सौहार्दपूर्ण माहौल नहीं चाहती है। कार्रवाई नहीं करने से यह भी साफ होता है कि वह क्षेत्रवाद को खत्म करने की बजाय इसका पोषण करने की फिराक में है। उन्होंने रायवाला में एक महिला की शिकायत पर कई लोगों पर दर्ज मामले का भी विरोध किया। कहा कि इन सभी मामलों में कार्रवाई होने तक राज्य आंदोलनकारी चुप नहीं बैठेंगे। इस मौके पर बलवीर सिंह नेगी, डीएस गुसाईं, युद्धवीर सिंह चौहान, गुलाब सिंह रावत, बेताल सिंह धनाई, प्रेम सिंह रावत, राजेंद्र कोठारी, हरि सिंह नेगी, बृजेश डोभाल, दिसंबर दत्त डोभाल, रामेश्वरी चौहान, कुसुमलता शर्मा, सरोजिनी थपलियाल, पूर्ण राणा, प्रेम नेगी, जयंती नेगी, सुशीला पोखरियाल, श्वेता कंडवाल, लक्ष्मी राणा, सटेश्वरी मनोरी, सुशील शर्मा, उर्मिला डबराल, जया डोभाल, अंजू गैरोला, सरस्वती देवी, कौशल्या बिजल्वाण, उमा रावत, पदमा रावत आदि मौजूद रहे।