शिक्षकों की चॉकडाउन हड़ताल खत्म, निदेशालय पर धरना होगा शुरू

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देहरादून()। राज्य के माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने चॉकडाउन हड़ताल खत्म कर दी है। सोमवार से शिक्षक स्कूलों में पढ़ाना शुरू कर देंगे। हालांकि शिक्षण के अलावा अन्य कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। इधर, सोमवार से शिक्षा निदेशालय पर प्रस्तावित धरने को यथावत रखा गया है। धरने में शामिल होने के लिए देहरादून समेत चार जिलों के शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। शनिवार को राजकीय शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक में काम पर लौटने का फैसला लिया गया। प्रदेश कार्यकारिणी के साथ ही सभी जिला, ब्लॉक और मंडल कार्यकारिणियों के साथ रायशुमारी के बाद संघ ने इसका ऐलान किया। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने बताया कि छात्रों के व्यापक हितों को देखते हुए यह फैसला लिया है। शिक्षक पढ़ाने के अलावा दूसरा कोई काम नहीं करेंगे। साथ ही चरणबद्ध आंदोलन यथावत जारी रहेगा। निदेशालय पर धरने के साथ हम आंदोलन का अगला चरण शुरू करने जा रहे हैं। इसमें जनपदवार शिक्षक शामिल होंगे। चौहान ने कहा कि संघ का स्पष्ट मानना है कि जब तक प्रधानाचार्य सीधी भर्ती प्रक्रिया निरस्त नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा। सामूहिक अवकाश लेकर देंगे धरना राजकीय शिक्षक संघ ने सोमवार को देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग के शिक्षकों को निदेशालय में धरने की जिम्मेदारी दी है। इन चारों जिलों के शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर देहरादून आ रहे हैं। इसके बाद दूसरे जिलों के शिक्षक धरने की जिम्मेदारी संभालेंगे। हड़ताल के खिलाफ पीआईएल शिक्षकों की हड़ताल को लेकर रामनगर के छोई निवासी एक अभिभावक ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की है। माना जा रहा है कि इसकी सूचना लगते ही राजकीय शिक्षक संघ ने हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले ही काम पर लौटने का फैसला ले लिया। शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने संगठन के अधिकारिक फेसबुक पेज पर हड़ताल और शिक्षण कार्य में वापस लौटने को लेकर लंबी पोस्ट भी लिखी है। उन्होंने इसमें इशारे में कहा है कि सोमवार को सभी को पता लग जाएगा कि संगठन को यह फैसला क्यों लेना पड़ रहा है। काम नहीं तो वेतन नहीं इस माह 18 अगस्त से हड़ताल में शामिल शिक्षक स्कूल जाकर हाजिरी तो लगा रहे थे, लेकिन अपनी मांगों को लेकर पढ़ा नहीं रहे थे। इधर, विभाग ने सभी शिक्षक-कर्मचारियों का इस माह का वेतन भी जारी कर दिया। ऐसे में यह सवाल भी उठने लगा था कि जब शिक्षक अपना काम ही नहीं कर रहे हैं तो फिर वह अपनी उपस्थिति कैसे भर रहे हैं। ऐसी स्थिति में काम नहीं तो वेतन नहीं का मामला भी बन रहा था। शिक्षक संघ ने 30 को निकाला तो जवाब 300 का इस्तीफा राजकीय शिक्षक संघ ने भर्ती समर्थक 30 शिक्षकों को संगठन विरोधी गतिविधियों में निष्कासित कर दिया है। निष्कासित किए गए सभी शिक्षक उत्तरकाशी जिले के हैं। अब तक शिक्षक संघ ऐसे 100 शिक्षकों को निष्कासित कर चुका है। जवाब में भर्ती समर्थक मंच से जुड़े 300 शिक्षकों ने राजकीय शिक्षक संघ से इस्तीफा दे दिया है। उत्तराखंड प्रधानाचार्य विभागीय पदोन्नति परीक्षा समर्थक मंच के प्रांतीय अध्यक्ष दिनेश पांडे ने कहा कि राजकीय शिक्षक संघ अपने समर्पित शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही कर रहा है। साथ ही सरकार द्वारा शिक्षा हित में लिए गए फैसलों के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। मंच के संयोजक डॉ. कमलेश कुमार मिश्र ने कहा कि हम संघ से लगातार आग्रह कर रहे हैं कि शिक्षक साथियों की भावना का सम्मान करें। लेकिन संघ सहानुभूति रखने के बजाय निष्कासन जैसी कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।

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