उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम यात्रा रूट पर पहली बार घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अस्थायी पशु अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की ओर से एसडीएम बड़कोट और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर भूमि चयनित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि चारधाम यात्रा से पहले वहां पर अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यमुनोत्री धाम यात्रा रूट पर सबसे अधिक परेशानी बेजुबान घोड़े-खच्चर की स्वास्थ्य सुविधा को बनी रहती है। पांच किमी की खड़ी चढ़ाई और ढलान पर कई बार घोड़ा-खच्चर चोटिल हो जाते हैं। साथ की कई बीमारियों से भी ग्रसित हो जाते हैं। गत वर्ष केदारनाथ में घोड़े-खच्चरों के बीमार होने से संचालकों को परेशानी बढ़ गई थी। उसके बाद यमुनोत्री में भी आनन-फानन में पशुपालन विभाग की ओर से जानवरों की मेडिकल जांच की गई थी। उसमें कई घोड़े-खच्चर बीमार पाए गए। साथ ही कई बार घोड़े-खच्चरों को सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता था। इसका मुख्य कारण यह था कि यमुनोत्री धाम यात्रा पड़ाव और जानकीचट्टी में पशुपालन विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों के सुविधा न होने के कारण कई बार समय पर नहीं पहुंच पाते थे।
इसको देखने हुए जिलाधिकारी की ओर से यमुनोत्री धाम यात्रा संबंधित विभागों की बैठक में निर्देश दिए गए कि यमुनोत्री यात्रा रूट पर एक प्रीफेब्रीकेटेड पशु अस्पताल का निर्माण किया जाए। सीवीओ एचएस बिष्ट ने कहा कि डीएम के निर्देश पर एक सप्ताह के भीतर अस्तपाल के लिए यमुनोत्री यात्रा रूट पर अस्पताल के लिए भूमि चयनित किया जाएगा।