रुद्रपुर। राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार से 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, चिह्नीकरण और पेंशन वृद्धि पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। शनिवार को जारी बयान में राज्य आंदोलनकारी भगवान जोशी ने इस बात पर दुख जताया कि निरंकुश अफसरशाही के कारण 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक आरक्षण का मामला न्यायालय में लंबित है। चिह्नीकरण से वंचित वास्तविक राज्य आंदोलनकारी उम्रदराज हो गए हैं और दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। पेंशन के नाम पर सरकार राज्य आंदोलनकारियों को टोकन मनी दे रही है, जो आज के दौर में नाकाफी है। उन्होंने रविन्द्र जुगरान के उस बयान की निंदा की है कि जिसमें वह नौकरी कर रहे लोगों को पेंशन और उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ दिए जाने की वकालत कर रहे हैं।