मद्रास , भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि आज के दौर में युद्ध केवल मैदान में नहीं, बल्कि नैरेटिव यानी सोच और धारणा पर भी लड़ा जाता है। ढ्ढढ्ढञ्ज मद्रास में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, अगर आप किसी पाकिस्तानी से पूछें कि जंग में क्या हुआ, तो शायद वह बोलेगा – हमारे आर्मी चीफ तो फील्ड मार्शल बन गए, इसका मतलब हम ही जीते।
दरअसल, जनरल द्विवेदी का यह बयान उस फैसले के संदर्भ में था, जिसमें पाकिस्तान सरकार ने जनरल असीम मुनीर को फाइव-स्टार जनरल और फील्ड मार्शल का दर्जा दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में असल जीत सिर्फ रैंक से नहीं, बल्कि ज़मीन पर हुई कार्रवाई से तय होती है।
जनरल द्विवेदी ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए बताया कि इस घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया था। अगले ही दिन, यानी 23 अप्रैल को दिल्ली में उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई गई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कहा – अब बहुत हो चुका। इसके बाद तीनों सेनाओं को यह छूट दी गई कि वे अपने स्तर पर जरूरी कार्रवाई तय करें।
उन्होंने कहा कि पहली बार सैन्य नेतृत्व को इतनी स्पष्ट राजनीतिक मंजूरी और समर्थन मिला, जिससे हमारी सेना पूरी तैयारी के साथ जवाबी कार्रवाई कर सकी। कमांडर्स को ज़मीन पर अपने स्तर पर निर्णय लेने की छूट दी गई, जिससे सेना का आत्मविश्वास बढ़ा।
इसका नतीजा था ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ, जिसे भारत ने 7 मई को लॉन्च किया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी नेटवर्क पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया गया।
पाकिस्तान की ओर से सीमा पार फायरिंग और ड्रोन हमलों की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम के ज़रिए इन हमलों को नाकाम किया। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों, रडार सिस्टम, कम्युनिकेशन सेंटर और एयरफील्ड को निशाना बनाया गया, जिससे उसकी सैन्य तैयारियों को भारी नुकसान पहुंचा।