लोक गायक अनिल और दर्शन के गीतों पर झूमे दर्शक

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : ग्रीष्मोत्सव की छठवीं सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक दर्शन फरस्वान और अनिल बिष्ट ने अपने सुपर हिट गीत गाकर दर्शकों का झूमने पर मजबूर कर दिया। साथ ही कलाकरों की लोक संस्कृति और सामाजिक लोक परंपरा पर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मां गौरा की स्तुति हे नंदा, हे गौरा और कंडोलियां देव की स्तुति से हुई। दर्शन फरस्वान ने झुम्याली झुम्याली, किरीम पौडारा, सयाली भानुमती हे, तेरा लहंगा क्या भली जैसे सुपरहित गीत प्रस्तुत कर युवाओं का भरपूर मनोरंजन किया। अनिल बिष्ट ने चेता की चैतवाली, चल बैजरो का सैणा, ऐजा हे भानुमती, तुमरा हमरा कांची आदि नॉन स्टॉप गीतों से दर्शकों को नाचने को मजबूर कर दिया। बावरी नृत्य मांझी वण जणा, मि चौं मिल्ट्री को छोरा और नाथ संप्रदाय के नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दर्शको द्वारा खूब सराही गई। गायिका पूनम सती ने ले पाकीजा जाला केला, फ्वां बाघा रे, हाय कखड़ी झिल मा, मेरा दुयुरा मोहना, बेडू पाको आदि गीतों की बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि वार्ड सभासद यशोदा नेगी ने आयोजन की सफलता के लिए शहर वासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयोजन से साहित्यिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। सहकलाकारों में अंजली, रश्मि नेगी, महावीर रावत, साक्षी, सुहानी नौटियाल, वर्षा रावत, विनोद श्रीकोटी, अशोक रावत, सुदर्शन बिष्ट, अंकित नेगी ने शानदार भूमिका अदा की। अपने हास्य प्रहसनों से प्रेम बल्लभ पंत ने लोगों को खूब गुदगुदाया। संगीत पक्ष में ढोलक पर तपेश्वर, तबला जयेंद्र, ऑक्टो पैड धीरेंद्र, जंबो रोहित मंद्रवाल, की बोर्ड कैलाश ध्यानी और बांसुरी पर दीपक पंवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, वीरेंद्र खांकरियाल आदि मौजूद थे। संचालन त्रिभुवन उनियाल ने किया।

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