देहरादून। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इंडियन बैंक (पूर्व इलाहाबाद बैंक) की पौड़ी शाखा को उपभोक्ता की सावधि जमा (एफडीआर) समय से पहले बंद करने के मामले में सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र खरे और सदस्य अल्का नेगी ने बैंक को उपभोक्ता के वित्तीय नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया। पौड़ी निवासी प्रेम कुमार बहुगुणा ने बैंक में 23,96,500 की एफडीआर करवाई थी, जिसकी परिपक्वता तिथि 30 अप्रैल 2022 निर्धारित थी। आरोप है कि बैंक ने बिना उपभोक्ता की सहमति के एफडीआर को समय से पहले बंद कर दिया, जिससे उन्हें 86,720 का नुकसान हुआ।आयोग ने अपने आदेश में बैंक को निर्देश दिया कि वह उक्त राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 45 दिनों के भीतर परिवादी को लौटाए। साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 10,000 और वाद व्यय के रूप में 5,000 अतिरिक्त देने के निर्देश भी दिए गए। आयोग ने कहा कि उपभोक्ता की अनुमति के बिना जमा तोड़ना बैंक की लापरवाही है और यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।