मांगों पर बनी सहमति, समिति ने स्थगित की तालाबंदी
कोटद्वार बचाओ संघर्ष समिति की ओर से किया गया था तालाबंदी का ऐलान
कोटद्वार पहुंची अपर जिलाधिकारी ने समिति के सदस्यों को दिया आश्वासन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शहर के बेहतर विकास को लेकर संघर्ष कर रही कोटद्वार बचाओ संघर्ष समिति का नगर निगम में तालाबंदी कार्यक्रम गुरुवार को स्थगित कर दिया गया। समिति की चेतावनी के बाद कोटद्वार पहुंची अपर जिलाधिकारी इला गिरि ने जल्द ही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया है। वहीं, समिति ने बीस दिन के भीतर मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी। कहा कि शहरवासियों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोटद्वार बचाओ संघर्ष समिति शहर के बेहतर विकास के लिए लागातर संघर्ष कर रही है। कुछ सप्ताह पूर्व समिति ने अव्यवस्थाओं पर रोष व्यक्त करते हुए कोटद्वार बंद का सफल आंदोलन चलाया था। इसके उपरांत समिति ने नगर निगम के खिलाफ भी आंदोलन की चेतावनी दी। समिति के संयोजक नागेंद्र उनियाल के नेतृत्व में समिति ने गुरुवार को नगर निगम परिसर में तालाबंदी की चेतावनी दी थी। समिति की चेतावनी के बाद पौड़ी से पहुंची अपर जिलाधिकारी इला गिरि ने सदस्यों की बैठक ली। जिसमें प्रशासन व नगर निगम के सभी अधिकारी मौजूद थे। सदस्यों ने एक-एक कर अपर जिलाधिकारी के समक्ष नगर क्षेत्र की समस्याएं रखी। समिति के संयोजक नागेंद्र उनियाल ने बताया कि नगर निगम गठन से शहरवासियों को बेहतर विकास की उम्मीद थी। लेकिन, निगम गठन के पांच वर्ष बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई है। सड़कों पर लगातार गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है। यही नहीं आवारा गोवंशों के हमले में कई व्यक्ति अपनी जान भी गंवा चुके हैं। बावजूद नगर निगम के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा। उक्त समस्या पर सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में गो रेस्क्यू वाहन खराब पड़ा हुआ है। जल्द ही इसकी मरम्मत करवाकर बीस दिन के भीतर गोवंशों को गौशाला में शिफ्ट किया जाएगा। समिति ने नगर निगम से अपने गोवंशों को सड़क पर छोड़ने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। सहायक नगर आयुक्त ने शहर के सीवर ट्रीटमेंट और कूड़ा निस्तारण के लिए यूपी से भूमि लीज पर लेने के लिए एक नवंबर को नगर निगम बैठक में प्रस्ताव रखने की भी बात कही। बैठक में समिति ने शहरवासियों से राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वाहन खड़ा करने के नाम पर लिए जा रहे शुल्क का भी विरोध किया। कहा कि नगर निगम को पहले शहरवासियों को पार्किंग स्थल उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वाहन खड़ा करने वालों से शुल्क लेना ठीक नहीं है। समिति के इस सवाल पर अपर जिलाधिकारी ने जल्द ही प्रशासन व निगम की टीम गठित कर पार्किंग स्थल के लिए जगह चिह्रित करने की बात कही। सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद भी जल्द धरातल पर कार्य प्रारंभ नहीं होने पर समिति ने दोबारा आंदोलन चलाने की बात कही। कहा कि शहरवासियों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोटद्वार बचाओ संघर्ष समिति का गठन कोटद्वार के बेहतर विकास के लिए किया गया है। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी और समिति की ओर से गोविंद डंडरियाल, विकास आर्य, गुड्डू चौहान, राजेंद्र सिंह नेगी, प्रवेश नवानी, आर पी पंत, महेंद्र सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत और जेपी ध्यानी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।