चमोली(। श्री राज राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली के कपाट बृहस्पतिवार सुबह सवा छह बजे विधि-विधान से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। महिलाओं ने जागर आए और मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन किए। इस दौरान अधिक संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पौराणिक परंपराओं के अनुसार वर्ष में 15 दिनों के लिए मंदिर के कपाट मकर संक्रांति पर बंद होते हैं। बृहस्पतिवार सुबह पुजारी प्रदीप गैरोला ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले। इसके बाद गोविंद भगवान और श्री राजराजेश्वरी चंडिका देवी की मूर्ति पर लेपन कर पवित्र घृत कंबल का अनावरण किया। विष्णु शहस्त्रनाम और दुर्गा सप्तसती मंत्रों से महाभिषेक पूजा कर शृंगार किया और 56 भोग अर्पित किए। इस दौरान देवी-देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृृृद्धि का आशीर्वाद दिया। भक्तों ने आराध्य मां चंडिका देवी की पूजा-अर्चना कर वस्त्र-आभूषण अर्पित कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इससे पूर्व महिला मंगल दल और कीर्तन मंडली ने देवी की स्तुति की। धार्मिक आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला, सचिव देवेंद्र सिंह रावत, मालगुजार महिपाल सिंह लडोला, कृष्णा गैरोला, संतोष गैरोला, शांति प्रसाद, भाजपा के वरिष्ठ नेता टीका प्रसाद मैखुरी और राकेश चंद्र डिमरी आदि मौजूद रहे।