हल्द्वानी()। चंद्र ग्रहण के चलते मंगलवार को शहर के मंदिरों के कपाट 207 मिनट तक बंद रहे। सूतक काल शुरू होते ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और पूजा-अर्चना पर अस्थायी रोक लगा दी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिरों के बाहर से ही मत्था टेका। मंगलवार दोपहर 3:20 से शाम 6:47 बजे तक शहर के कालू सिद्ध बाबा, शीतला देवी मंदिर और नवाबी रोड स्थित हनुमान मंदिर समेत अन्य देवालयों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। आम दिनों में श्रद्धालुओं से भरे रहने वाले मंदिर परिसरों में सन्नाटा पसरा रहा। पुजारियों ने मूर्तियों को वस्त्रों से ढंककर गर्भगृह को सुरक्षित कर दिया। सूतक काल और वर्जनाएं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण से पूर्व ही सूतक काल प्रभावी हो जाता है, जिसमें पूजा-पाठ और मूर्तियों का स्पर्श वर्जित माना जाता है। मंदिर समितियों के अनुसार, ग्रहण समाप्ति के बाद विधि-विधान से शुद्धिकरण किया गया। गंगाजल छिड़काव, अभिषेक और विशेष आरती के उपरांत ही कपाट दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। कई प्रमुख मंदिरों में देर शाम विशेष शुद्धि पूजन का आयोजन भी हुआ।