चमोली : तीन साल पहले बरसात में पीएम आवास योजना से निर्माणाधीन भवन ध्वस्त हो गया था। इसके बाद से पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए भटक रहा है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। गोपेश्वर के पाडुली गांव निवासी सुरेश लाल ने बताया कि उनका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर स्वीकृत हुआ था। उन्हें प्रथम किश्त के तौर पर एक लाख 80 हजार रुपये मिले जिससे उन्होंने भवन निर्माण करवाया, लेकिन 2022 में निर्माणाधीन भवन आपदा में ध्वस्त हो गया। उन्होंने कर्ज लेकर फिर निर्माण शुरू किया, लेकिन 2024 की बरसात में बोल्डर आने से मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। वे शुरू से मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार वर्तमान समय में ब्रह्मसैंण में किराये पर निवास कर रहा है। सुरेश लाल ने बताया कि वह मजदूरी करता है, जिसमें मकान का किराया चुकाना और परिवार को पालना संभव नहीं हो पा रहा है। कई महीनों का किराया बकाया चल रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें अन्यत्र विस्थापित कराया जाए, जिससे परिवार को स्थाई छत मिल सके। उनका कहना है कि प्रशासन ने शुरू में मुआवजे का आश्वासन दिया, लेकिन तीन साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जहां भवन निर्माणाधीन था वहां अब जमीन भी धंस रही है, ऐसे में वहां रहना संभव नहीं है। (एजेंसी)