चमोली : हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी के प्रमुख पड़ाव पुलना गांव में मंगलवार देर रात पहाड़ी से बोल्डर छिटककर एक घर की छत को तोड़कर कमरे में आ गिरा। कमरे में परिवार के सदस्य सो रहे थे। गनीमत रही कि बोल्डर कमरे में बिस्तर के पास गिरा जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। बोल्डर गिरने से दूसरे घर की दुकान भी टूट गई और बोल्डर छत पर जा गिरा। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया। गोविंदघाट से करीब तीन किमी. की दूरी पर स्थित पुलना गांव में मंगलवार रात करीब एक से डेढ़ बजे पहाड़ी से बोल्डर छिटक गए। बोल्डरों ने प्रकाश नेगी और मकर सिंह के मकान को भारी नुकसान पहुंचाया है। एक बोल्डर प्रकाश नेगी के घर की छत पर गिरा, जबकि दूसरा बोल्डर छत को तोड़ते हुए उनके कमरे में बिस्तर के पास आ गिरा। प्रकाश नेगी, उनकी पत्नी व दो बच्चे इसी कमरे में सो रहे थे। हादसे के तुरंत बाद परिवार के लोग भागकर सुरक्षित जगह पर पहुंचे। हादसे से परिवार के लोग सहमे हैं। बोल्डर से छत पर रखी पानी की टंकी भी टूट गई। प्रकाश नेगी ने बताया कि दूसरा बोल्डर मकर सिंह की दुकान को तोड़ते हुए उनकी छत तक पहुंच गया। गनीमत रही कि बोल्डर से किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई है। घटना की सूचना पर सुबह तहसील प्रशासन की टीम गांव में पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि घटना की सूचना पर टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने नुकसान का आंकलन किया है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
(एजेंसी)
आपदा नहीं छोड़ रही पीछा
आपदा प्रकाश नेगी का पीछा नहीं छोड़ रही है। 2013 की आपदा में प्रकाश नेगी का मकान बह गया था। उस समय भी उनका परिवार बेघर हो गया था। प्रकाश नेगी ने गांव के पास अपने खेत में मकान बनाने की योजना बनाई, प्रशासन के सहयोग से यहां पर मकान बना लिया। उनके घर के पीछे खड़ी चट्टान है। मंगलवार रात को फिर एक पत्थर आने से वे बेघर हो गए हैं।
परिवार पंचायत घर में हुआ शिफ्ट
महिला मंगल दल अध्यक्ष हेमंती देवी ने बताया कि प्रकाश नेगी का घर रहने लायक नहीं बचा है। परिवार को पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। महिला मंगल दल ने सामान शिफ्ट करने में उनकी मदद की। वहीं मकर सिंह के परिजन खाना अपने घर में बनाएंगे, लेकिन रात सोने के लिए गांव में ही अपने भाई के घर पर आ जाएंगे।