अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रसारित वीडियो के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच घमासान तेज

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देहरादून()। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बाद प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच घमासान तेज हो गया है। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव में इस मुद्दे पर कांग्रेस का दांव कारगर नहीं रहा। लेकिन, वीडियो में जिस प्रकार भाजपा के नेताओं को निशाने पर लिया गया है, प्रमुख विपक्षी दल ने उसे लपकने में देर नहीं लगाई। जवाब में सधे अंदाज में कदम बढ़ा रही भाजपा ने अनुसूचित जाति और मातृशक्ति के अपमान को अपना हथियार बनाया है। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की। संगठन के ताजा रुख के बाद सरकार इस मामले में एक्शन मोड में है। उधर, भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी प्रदेश संगठन और सरकार की ओर से उठाए जा कदमों पर नजर रखे हुए है। अंकिता हत्याकांड को लेकर एक महिला नेत्री के इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में भाजपा के नेताओं को निशाने पर लिया जा रहा है। भाजपा को इससे असहज होना पड़ रहा है। कांग्रेस लगातार प्रयास कर रही है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुद्दे को उठाकर विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र में जन असंतोष को उभारा जाए। पार्टी के निशाने पर गढ़वाल क्षेत्र की 30 विधानसभा सीट हैं। पिछले दो विधानसभा चुनावों में इनमें से दो से तीन सीट ही कांग्रेस की झोली में आ सकीं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने इस हत्याकांड को मुद्दा बनाया, लेकिन उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। यद्यपि, गत वर्ष लोकसभा चुनाव के कुछ माह बाद बदरीनाथ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही। इस जीत के पीछे जन असंतोष उभारने की रणनीति को मिली कामयाबी के बूते ही गढ़वाल की विधानसभा सीटों पर जनाधार दोबारा मजबूत करने में पार्टी ताकत झोंक रही है। भाजपा सरकार पर दबाव बनाने को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत तमाम वरिष्ठ नेता इस प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं।

वहीं, भाजपा इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। जन भावनाओं को उद्वेलित करने की कांग्रेस की कोशिशों की काट की जा रही है। इसी लिए पार्टी ने वीडियो में की जा रही टिप्पणी पर आपत्ति करने के साथ ही इसे अनुसूचित जाति और मातृशक्ति के अपमान से जोड़ा है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी अनुसूचित जाति समुदाय के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। वहीं वीवीआइपी के बहाने अंकिता भंडारी के बार-बार जिक्र को महिला अपमान बताते हुए सत्ताधारी दल ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है। उधर, आडियो में बातचीत को आधार बनाकर भाजपा पर हो रहे हमले को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व भी गंभीर है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश संगठन और सरकार से सतर्कता के साथ आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने कहा कि आडियो में महज बातचीत को आधार बनाकर पार्टी और उसके नेताओं की छवि बिगाड़ने की कांग्रेस की कोशिश सफल नहीं होने वाली है। विपक्षी पार्टी लंबे समय से ऐसा प्रयास कर रही है। यह भी सच है कि कांग्रेस अभी तक कोई भी ठोस साक्ष्य न तो न्यायालय और न ही जनता की अदालत में सामने रख पाई है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि सरकार भी कांग्रेस के षडयंत्र की तह में जाएगी, ताकि सच सामने आए और विपक्ष के मंसूबे ध्वस्त हो सकें।

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