संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में रहेंगे बाहरी राज्यों से आने वाले लोग

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बागेश्वर। प्रवासियों को कोविड-19 जांच रिपोर्ट आने तक संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में रखे जाने संबंधी व होम आइसोलेशन में भेजे जा रहे संक्रमितों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का शासन व प्रशासन ने संज्ञान लिया है। बढ़ते संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए अब गांव स्तर पर संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर खोले जा रहे हैं। इन केंद्रों की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को सौंपी गई है। प्रशासन ने माना कि कोरोना की दूसरी लहर तेज गति से बढ़ रही है। अब बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी बसंत मेहता को सौंपी गई है। अब प्रवासियों को प्राथमिकता के आधार पर संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर जैसे पंचायत भवन, विद्यालय, सामुदायिक भवन व अन्य भवनों में अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन रहना होगा। इसके साथ ही किसी भी प्रवासी को तब तक होम क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा, जब तक कोविड-19 की जांच रिपोर्ट ग्राम निगरानी समिति को नहीं मिल जाए। पंचायतीराज विभाग ने कोविड-19 के प्रभावी रोकथाम हेतु अनटाइड फंड से साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, क्वारंटाइन सेंटर में आवश्यक प्रबंधन (जैसे बिजली, पानी, शौचालय, बिस्तर तथा भोजन आदि) के लिए अधिकतम 20 हजार रुपये ग्राम पंचायत को खर्च करने का अधिकार दिया है। इससे अधिक खर्च करने के लिए डीएम की स्वीकृति लेनी होगी। प्रत्येक गांव में जिला पंचायत विकास अधिकारी संस्थागत क्वारंटाइन सेंटरों की निगरानी करेंगे।
प्राथमिकता से संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर बनाए जाएंगे। ग्राम निगरानी समिति के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। सभी संबंधित कर्मियों को निर्देशित कर दिया है।
-बसंत मेहता, जिला पंचायत राज अधिकारी, बागेश्वर

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