भू कानून की मांग को लेकर उक्रांद ने दिया ज्ञापन

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। भू कानून की मांग को लेकर आज गुरूवार को उत्तराखण्ड़ क्रांति दल ने धरना प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी को ज्ञापन दिया। उत्तराखण्ड़ क्रांति दल चाहता है कि हिमाचल की तर्ज पर धारा 371 लगाकर एक सशक्त भू कानून बनाया जाये, जिससे कि उत्तराखण्ड़ के निवासियों की जमीनों का भू माफिया व बाहरी व्यक्तियों द्वारा खुर्द बुर्द न हो सके।
उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड़ राज्य बने 21 वर्ष हो चुके हैं लेकिन खेद का विषय हैं कि हमारे राज्य का कोई फोर्स एंव सशक्त भू कानून नही बन पाया हैं। सन् 2002 में स्व. एनडी तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार द्वारा 500 वर्ग मी0 बाहरी व्यक्तियों के खरीद के लिए बनाया गया था, वह नाकाफी था। 2007 में भाजपा सरकार में शामिल यूकेडी के दिवाकर भट्ट ने राजस्व मंत्री रहते हुए ढाई सौ वर्ग मीटर भू कानून बनाया था पर दिसम्बर 2018 में आपकी सरकार द्वारा ढाई सौ वर्ग मी0 भी समाप्त कर दिया गया है। जिससे कि बाहरी भू माफिया हजारों एकड़ जमीन खरीद फरोख्त में लग गये हैं। जिससे कि उत्तराखण्ड मूल भावना समाप्त हो रही है। साथ ही उत्तराखण्ड क्रांति दल द्वारा यह मांग भी की गई कि उत्तराखण्ड़ में मूल निवास का आधार वर्ष सन् 1950 से ही माना जाए और स्थाई निवास की सीमा 30 वर्ष की जाए।
इस अवसर पर शांति प्रसाद भट्ट, पंकज उनियाल, महेन्द्र सिंह रावत, गुलाब सिंह, प्रवीन नेगी, इकरासुददीन, विनोद कुमार अग्रवाल, मनोहर सिंह उपस्थित थे।

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