जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भले ही उच्च न्यायालय ने लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को हरी झंडी दे दी हो। लेकिन, स्थानीय लोगों का आंदोलन मार्ग को एलिवेटेड बनाने के लिए अब भी जारी है। लोगों ने मार्ग एलिवेटेड नहीं बनने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण के लिए स्थानीय जनता पिछले कई माह से आंदोलन कर रहे हैं। 12 फरवरी को न्यायालय ने मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी। लेकिन, इसके बाद भी लोग मार्ग को एलिवेटेड बनाने के लिए आंदोलन पर डटे हुए हैं। गुरुवार को चिल्लरखाल वन चौकी के समीप लोगों ने धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि न्यायालय ने 12 फरवरी को मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी। लेकिन, स्थानीय जनता सरकार से मांग करती है कि मार्ग को एलिवेटेड बनाया जाएं, जिससे वर्ष भर इस मार्ग पर यातायात चलता रहे। साथ ही मार्ग पर व्यवसायिक वाहनों का संचालन हो। कहा कि यदि केवल मार्ग पर डामरीकरण ही होता है तो इसका जनता को कोई अधिक लाभ नहीं मिलेगा। मार्ग के बेहतर बनने से सिडकुल के व्यापार को गति मिलेगी। साथ ही इससे कण्वाश्रम का भी विकास होगा। इस मौके पर प्रवीण थापा, मदन सिंह नेगी, रविंद्र सौंद, देवेंद्र रावत, गोविंद काला, हरेंद्र भंडारी, सुभाष त्यागी, राकेश बड़थ्वाल आदि मौजूद रहे।