सांकरी-ओसला सड़क धरातल पर अधूरी, कागजों में पूरी

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उत्तरकाशी()। हरकीदून घाटी के ओसला, गंगाड, पवाणी और ढाटमीर मोटर मार्ग निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के बावजूद काश्तकारों को मुआवजा न दिए जाने, आधा अधूरा कार्य किए जाने और निर्माण गुणवक्ता में खाामियों का आरोप लगाया। उन्होंने इस संबंध में अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य की तकनीकी व प्रशासनिक जांच करने की मांग की। ग्रामीणों ने जहां सड़क निर्माण को क्षेत्र के लिए जरूरी बताते हुए खुशी जताई वहीं, ओसला, पवाणी, गगाड़ और ढाटमीर मोटर मार्ग की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सांकरी-सोड़-ओसला सड़क को वर्ष 2022-23 में पूर्ण दिखा दिया गया जबकि आज भी कई स्थानों पर कार्य अधूरा पड़ा है। कटिंग, डामरीकरण, इंटरलॉकिंग, सुरक्षा दीवारें और नालियों का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। कई जगह अत्यधिक कटिंग के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। कहा कि 10 जनवरी को एक निजी बस बिना अनुमति के ओसला गांव तक ले जाई गई। लेकिन ग्राम पंचायत गगाड़ के ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए बस को आगे ले जाने से मना कर दिया। इसके अलावा सड़क कटिंग के बाद भी अधिकांश काश्तकारों को अब तक भूमि का प्रतिकर नहीं दिए गए जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
इस मौके पर सुरेंद्र पंवार, विजय राणा, देवेंद्र सिंह, विजय, महावीर, सुनील आदि मौजूद रहे। वहीं, इस संबंध में पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सुभाष दोरियाल ने बताया कि मोटर मार्ग में किमी 12 तक काश्तकारों को भूमि प्रतिकर का भुगतान किया जा चुका है। 12 से 24 किमी तक की धनराशि स्वीकृत है और बजट मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा जबकि 24 से 28 किमी तक का प्रतिकर निर्धारण की प्रक्रिया में है। मानसून के दौरान अत्यधिक अतिवृष्टि से सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई है जिसकी मरम्मत के लिए लगभग 220 लाख रुपये का आकलन तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।

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