श्रीनगर गढ़वाल : तीर्थनगरी में शराब के ठेके के खिलाफ चल रहा जनांदोलन बुधवार को चौथे दिन क्रमिक अनशन में तब्दील हो गया। आंदोलनकारी महिलाओं ने सरकार की आबकारी नीति के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट किया कि जब तक ठेका निरस्त नहीं होता उनका संघर्ष जारी रहेगा। क्रमिक अनशन के पहले दिन क्षेत्र की नौ महिलाएं शामिल रहीं, जिनमें कमला देवी, कोसला देवी, जसोदा देवी, गोदावरी देवी, पूनम देवी, डब्बी देवी और मीना देवी आदि शामिल रहीं।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे उत्तराखंड क्रांति दल के पौड़ी जिला अध्यक्ष अर्जुन नेगी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस देवभूमि की पहचान उसकी पवित्रता और संस्कृति है सरकार वहां शराब की संस्कृति को थोपकर उसे नष्ट करने पर तुली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के बजाय केवल राजस्व के लालच में पहाड़ के शांत परिवेश को दूषित कर रही है। अनशन पर बैठी सुनीता देवी ने कहा कि शराब की दुकान खोलना पहाड़ की अस्मिता पर काला धब्बा है। वहीं जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत ने कहा कि विडंबना है कि सरकार अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती करने के बजाय गांव-गांव में शराब की दुकानें खोलने को प्राथमिकता दे रही है। धरना स्थल पर क्षेत्र पंचायत सदस्य सीताराम राणाकोटी, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद नारायण भट्ट, नेत्र सिंह, जनाद्र्धन राणाकोटी, ममता देवी, सीमादेवी, मंजूदेवी, अंजू देवी, उप्पा देवी, जसोदा देवी, सुरेशी देवी आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)