रुद्रप्रयाग()। मुख्यालय की करीबी ग्राम पंचायत नरकोटा में लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा रेल विकास मद में 30 लख रुपये की लागत से बनाया गया रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। इसकी दीवारें पहली बरसात में ही ध्वस्त हो गई है। ग्रामीणों ने कहा कि इस मामले में लोनिवि द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिससे वे अब जिलाधिकारी को मामले की जानकारी देंगे। इस साल जनवरी-फरवरी माह में नरकोटा में लोनिवि द्वारा करीब 230 मीटर लंबे रास्ते का निर्माण किया गया। रेल विकास बोर्ड द्वारा ग्राम पंचायत की भूमि अधिग्रहण करने के बाद ग्राम पंचायत में आधारभूत सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए आर-आर प्लान स्वीकृत किया गया था।
ग्राम सभा की मांग के अनुसार जिलाधिकारी की स्वीकृति के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्य करवाया गया। ग्राम पंचायत नरकोटा के पूर्व प्रधान सुरेंद्र जोशी ने कहा कि उक्त मार्ग निर्माण में विभाग द्वारा मानकों की अनदेखी की गई है। पहली ही बरसात में दीवारों का टूट जाना लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली को बंया करता है। इसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग से 150 मी लंबाई तक इस रास्ते को 10 फीट चौड़ा कर वाहनों के लिए बनाया गया है किंतु कहीं ग्रेड का ध्यान नहीं रखा गया है। चौड़े इस रास्ते पर जल निकास की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिस कारण रास्ते का पूरा पानी ग्रामीणों के घरों एवं खेत खलियाणो में घुस रहा है। रास्ते पर कई जगह पर इतना तीव्र ढाल है कि पैदल चलने में भी हर समय गिरने का भय बना रहता है। उक्त मार्ग की क्षतिग्रस्त दीवारों एवं लगातार हो रही बारिश के पानी कारण स्थानीय निवासी मुकेश भट्ट, राकेश भट्ट रोशन लाल आदि स्थानीय निवासियों के आवासीय भवनों शौचालयों, गौशालाओं एवं खेत खलियानों को भारी खतरा बना हुआ है। जोशी ने बताया का इस संबंध में उनके द्वारा लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एवं सहायक अभियंता को 2 अगस्त को फोन पर सूचना दी गई थी साथ ही इसके फोटोग्राफ्स भी उपलब्ध कराए गए किंतु विभाग द्वारा अभी तक क्षतिग्रस्त दीवारों के पुनर्निर्माण के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई। उन्होंने बताया कि वे शीघ्र जिला अधिकारी से मिलकर उक्त मार्ग पर निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग करवाने की अपील करवाएं।