लखनऊ ,। राजधानी लखनऊ में बदमाशों ने दिनदहाड़े एक दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। दुबग्गा इलाके में एसयूवी खरीदने के बहाने आए दो युवकों ने टेस्ट ड्राइव के दौरान कार एजेंसी के कर्मचारी को पीटकर चलती गाड़ी से फेंक दिया और लाखों की फॉर्च्यूनर लेकर फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने देर रात गाड़ी बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन इस मामले में पुलिस पर गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं। आरोप है कि मारपीट और जबरन गाड़ी छीनने की इस घटना को लूट में दर्ज करने के बजाय दुबग्गा पुलिस ने इसे साधारण चोरी का मामला बना दिया है।
ठाकुरगंज के बालागंज निवासी मोहम्मद अलीम अंधे की चौकी के पास ‘पॉवर कार सेलÓ नाम से पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का शोरूम चलाते हैं। अलीम के अनुसार, बुधवार दोपहर दो युवक ग्राहक बनकर उनकी दुकान पर आए और वहां खड़ी एक फॉर्च्यूनर खरीदने की इच्छा जताई। गाड़ी पसंद आने की बात कहकर दोनों ने टेस्ट ड्राइव की मांग की। इस पर अलीम ने अपने कर्मचारी यासीन को उनके साथ भेज दिया।
आरोप है कि हरदोई रोड पर कसमंडी के पास पहुंचते ही युवकों का असली रूप सामने आ गया। उन्होंने यासीन के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे चलती गाड़ी से सड़क पर फेंककर फॉर्च्यूनर लेकर भाग निकले। घायल यासीन ने किसी तरह फोन पर अपने मालिक को घटना की सूचना दी, जिसके बाद अलीम ने तत्काल दुबग्गा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
इंस्पेक्टर दुबग्गा, अभिनव वर्मा के अनुसार, शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज की मदद से फॉर्च्यूनर को किसान पथ स्थित बाजनगर अंडरपास के पास से बरामद कर लिया गया है। इस मामले में काकोरी के कलियाखेड़ा निवासी एक आरोपी अमन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि उसके दूसरे साथी की तलाश जारी है। हालांकि, कर्मचारी से मारपीट कर गाड़ी छीनने के बावजूद पुलिस द्वारा लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज न करके चोरी में मामला दर्ज करने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।