ग्रैप के बाद भी नहीं सुधरे दिल्ली के हालात

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नई दिल्ली । ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बावजूद राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है। आसमान में स्मॉग की चादर लिपटी है। ऐसे में लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कमी आई है। इस दौरान हवा की गति आठ किलोमीटर दर्ज की गई। ऐसे में एक्यूआई 370 दर्ज किया गया। इसमें शुक्रवार के मुकाबले 69 सूचकांक की कमी हुई है, जोकि बेहद खराब श्रेणी है। सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि रविवार हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। रात के समय स्मॉग छाया रहेगा।
शनिवार को सुबह से ही कोहरे के साथ स्मॉग छाया रहा। दिन में हल्की धूप निकली, लेकिन आसमान में स्मॉग की मोटी चादर लिपटी रही। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक शाम को हवा की चाल चार किलोमीटर रही। इससे प्रदूषक कण और संघन हो गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषकों के फैलाव के लिए मौसम संबंधी स्थितियां बेहद प्रतिकूल होने से स्थिति बिगड़ रही है। रविवार को हवा विभिन्न दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा चार से 4 किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेंगी। वहीं, शाम को हवाएं पश्चिम दिशाओं से चलेंगी। साथ ही, सोमवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से चल सकती है। बावाना, नेहरू नगर, रोहिणी, द्वारका सेक्टर-आठ सहित छह इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है। साथ ही, आनंद विहार, अशोक विहार, आरके पुरम व पंजाबी बाग समेत 23 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में रही। डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक हवा में ट्रांसपोर्ट से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 13.085 फीसदी, कूड़ा जलने से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 1.201 फीसदी रही। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स 4000 घनमीटर प्रति सेकंड रही। 24 घंटे के भीतर वेंटिलेशन इंडेक्स 300 घनमीटर प्रति सेकंड रहने का अनुमान है। साथ ही, मिक्सिंग डेप्थ 1450 मीटर दर्ज की गई।

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