अपनी गणना अपने गांव में कराने से ही बचेगा पहाड़ का अस्तित्व

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नई टिहरी। विकास भवन सभागार में आयोजित वर्तमान और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के जिला स्तरीय सम्मेलन में पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने और अपनी जनगणना अपने गांव में कराने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार पलायन बढ़ने से पहाड़ की आबादी घटती जा रही है। वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना में हर व्यक्ति अपनी गणना अपने गांव में कराएंगे, तभी परिसीमन में पहाड़ का अस्तित्व बचेगा। विकास भवन में सोमवार को जौनपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सोमवारी लाल उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में थौलधार के पूर्व प्रमुख व संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने पहाड़ से हो रहे पलायन पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य एक-दूसरे के साथ संवाद स्थापित कर मेरी गणना, मेरे गांव कराने के लिए प्रवासियों को प्रेरित करना है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवाण और जिला पंचायत उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला ने पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाने पर जोर दिया। पूर्व प्रमुख प्रदीप रमोला, वीरेंद्र कंडारी, सोबन सिंह नेगी, रोशन लाल सेमवाल, विजय गुनसोला और जगदंबा रतूड़ी ने भी पलायन पर चिंता व्यक्त की। प्रमुख राजीव कंडारी, सुरेंद्र भंडारी, राजेश नौटियाल, विनोद बिष्ट, मनीषा पंवार, सुमन सजवाण ने पंचायतों के सशक्त बनाने, पूर्व क्षेपंस गोविंद बिष्ट ने ब्लॉकों का पुनर्गठन करने पर का सुझाव दिया। दर्जाधारी व पूर्व प्रमुख गीता रावत, बेबी असवाल, सुनीता देवी, शिवानी बिष्ट ने कहा कि अपनी जनगणना गांव में कराने से ही पहाड़ का अस्तित्व बच पाएगा।पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान, राजेंद्र भंडारी, रजनी सजवाण, विजय लक्ष्मी थलवाल, सुशीला चौहान, अनीता कंडियाल,आनंदी नेगी, जयपाल पंवार, प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र रावत ने कहा कि गणना अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मौके पर मगन सिंह बिष्ट, विजयवंत निजवाला, विजयपाल रावत, युद्धवीर रावत, कुलदीप पंवार आदि मौजूद थे।

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