हल्द्वानी। फरवरी में कालाढूंगी रोड से लगी फतेहपुर रेंज में बाघ का भारी आतंक रहा। एक ही महीने के भीतर बाघ के हमले में क्षेत्र की दो महिलाओं की जान चली गई। वन विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के बाद पकड़े गए संदिग्ध बाघ की जांच रिपोर्ट अब सामने आ गई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून को भेजे गए सैंपल के अनुसार, पकड़ा गया नर बाघ ही पीपलपोखरा नंबर दो की बुजुर्ग 65 वर्षीय गंगा देवी की मौत का जिम्मेदार है। विभाग को अंदेशा है कि दूसरी महिला पर हमला करने वाला भी यही बाघ हो सकता है। 12 फरवरी को गंगा देवी अपनी बहू और पड़ोसियों के साथ जंगल में घास लेने गई थीं, तभी बाघ ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इस घटना के बाद वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके 13 दिन बाद, 25 फरवरी को जंगल गई पनियाली की कमला देवी (55 वर्ष) भी बाघ का निवाला बन गईं। लगातार दो मौतों से स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश और दहशत थी। आखिरकार 3 मार्च को, वही नर बाघ दोबारा अपना शिकार (मांस) खाने घटना स्थल पर पहुंचा और विभाग द्वारा लगाए गए जाल में फंस गया। विभाग ने पुष्टि के लिए बाघ के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। रिपोर्ट के अनुसार, गंगा देवी के शव के पास मिले साक्ष्य पकड़े गए बाघ से मैच हो गए हैं। पनियाली की महिला के मामले में अभी रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि दोनों घटनाओं के पीछे इसी बाघ का हाथ होने की पूरी संभावना है।बाघ पकड़ने के बाद नहीं हुआ हमलादो महिलाओं की मौत के बाद बाघ के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में हमले की कोई घटना नहीं हुई है। वहीं आबादी क्षेत्र के नजदीक बाघ के मूवमेंट की कोई घटना भी दर्ज नहीं हुई है। ऐसे में पूरी आशंका जताई जा रही है कि दोनों महिलाओं पर हमला करने वाला यही बाघ है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान से मिली रिपोर्ट के अनुसार पकड़ा गया बाघ ही पीपलपोखरा की महिला पर हमला करने वाला था। पनियाली की महिला का हमलावर भी इसके होने की पूरी संभावना है।— प्रदीप असगोला, रेंजर, फतेहपुर वन रेंज