काशीपुर()। ग्राम टांडा अमीचंद में पिछले कुछ समय से गुलदार की दस्तक से दहशत का माहौल बना हुआ था। शुक्रवार को गुलदार वन विभाग के लगाए गए पिंजरा में कैद हो गई। वन रेंजर नवल कपिल ने बताया कि गुलदार को पकड़ने के लिए बीते 26 फरवरी को गांव टांडा अमीचंद में पिंजरा लगाया गया था। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने देखा कि पिंजरे में एक गुलदार बंद है। सूचना मिलते ही उप वन क्षेत्राधिकारी दीवान सिंह रौतेला के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए गुलदार का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे पिंजरे सहित बन्नाखेड़ा परिसर लाया गया। निरीक्षण के दौरान मादा गुलदार जिसकी उम्र करीब 3 वर्ष है पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार, रेस्क्यू की गई मादा गुलदार को टीम ने उत्तरी जसपुर फाटो रेंज के सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि हालांकि एक गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की है, लेकिन क्षेत्र में एक से अधिक गुलदार होने की आशंका अभी भी बनी हुई है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने उक्त स्थल पर दोबारा पिंजरा लगाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। वहीं गुलदार को देखने के लिये लोगों की भारी भीड़ लगी रही जिनको काबू करने के लिये वन विभाग ने हल्का बल प्रयोग किया। वहीं ग्रामीणों ने कहा है कि यहां एक से अधिक गुलदार हैं जिनको पकड़ने की मांग वन विभाग से की गई है।