नई दिल्ली ,देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अब सिर्फ एक सरकारी सहायता नहीं, बल्कि खेती की रीढ़ बन चुकी है। केंद्र सरकार अब तक इस योजना के तहत 21 किस्तें जारी कर चुकी है और अब किसानों की निगाहें 22वीं किस्त पर टिकी हुई हैं।
सरकारी नियमों के अनुसार पीएम किसान योजना की राशि साल में तीन बार—अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर और दिसंबर से मार्च के बीच—किसानों के खातों में भेजी जाती है। पिछली किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई थी, ऐसे में 22वीं किस्त का समय दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच बनता है। प्रशासनिक तैयारियों और पुराने ट्रेंड को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार मार्च 2026 या अप्रैल 2026 की शुरुआत में अगली किस्त जारी कर सकती है।
बजट में मिल सकती है किसानों को खुशखबरी
देश इस समय 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट का इंतजार कर रहा है। माना जा रहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में किसानों के लिए कोई बड़ा ऐलान हो सकता है। वर्तमान में पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन किस्तों में मिलती है। बढ़ती महंगाई और खेती की लागत को देखते हुए लंबे समय से इस राशि को बढ़ाने की मांग की जा रही है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार बजट में सम्मान निधि की राशि बढ़ाने का ऐलान कर सकती है, जिससे किसान परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
किस्त से पहले पूरा करें ई-केवाईसी
हर बार की तरह इस बार भी कई किसानों के खातों में पैसा अटकने की आशंका है। इसकी सबसे बड़ी वजह ई-केवाईसी का अधूरा रहना है। सरकार साफ कर चुकी है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें अगली किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। अगर आपने अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो इसे तुरंत पूरा कर लें। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सरकार ने ओटीपी आधारित ई-केवाईसी की सुविधा दी है। यदि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा है, तो आप घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ई-केवाईसी के लिए आधिकारिक पोर्टल श्चद्वद्मद्बह्यड्डठ्ठ.द्दश1.द्बठ्ठ पर जाकर ‘ई-केवाईसीÓ विकल्प चुनें, आधार नंबर दर्ज करें और ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा करें।