चमोली()। चमोली जनपद में शुक्रवार को वसंत पंचमी पर मौसम ने करवट बदली। साल साल सीजन की पहली बर्फबारी हुई और बदरीनाथ धाम में जमकर बर्फ गिरी। ऊंची चोटियों से लेकर पैदल रास्ते, सड़क और खेत खलियान बर्फ से ढक गए जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। जनपद में 50 से अधिक गांव बर्फ के आगोश में समा गए हैं। शुक्रवार सुबह दस बजे से बर्फबारी शुरू हो गई थी जो देर शाम तक जारी रही। बर्फबारी से ऊंचाई वाले क्षेत्रों के गांवों के ग्रामीण अपने गांवों में ही कैद हो गए हैं।
बीते वर्ष सितंबर माह से बारिश और बर्फबारी नहीं हुई थी, जिससे सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जंगलों में आग भड़कने लगी थी। शुक्रवार को सुबह से ही मौसम खराब था। सुबह 10 बजे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। पूर्वाह्न 11 बजे बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, औली, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी सहित नीती और माणा घाटी में बर्फबारी हुई जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू हुई। बारिश-बर्फबारी से ठंड में इजाफा हो गया है। जिले के सुतोल, कनोल, घूनी, रामणी, रामणी, पाणा, ईराणी, झींझी, पगना, मोहनखाल, थाला, डुमक, कलगोठ, तपोवन, रैणी, सुरांईथोटा, वाण के साथ ही 50 से अधिक गांव बर्फ से ढक गए हैं। निचली पहाड़ियों के साथ ही पैदल रास्ते, सड़क और खेत-खलियान बर्फ से ढक गए हैं। महिलाएं अपने मवेशियों के लिए हरी घास लेने भी नहीं जा पा रही हैं। उनका कहना है कि बारिश-बर्फबारी से दिक्कतें बढ़ी हैं लेकिन सूखे के हालात दूर हुए हैं। अब पानी के स्रोत रिचार्ज होंगे। चारों ओर फैली धुंध छंट जाएगी।
लोगों ने बर्फ का जमकर उठाया आनंद : इस साल पहली बर्फबारी के कारण पहाड़ सफेद चादर से लकदक हो गए। कर्णप्रयाग, देवाल, थराली, नारायणबगड़, गौचर, गैरसैंण आदि जगहों पर ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। वहीं बर्फबारी होने के चलते लोगों ने जमकर बर्फबारी का आनंद लिया। बारिश से फसलों को लाभ मिलेगा। वहीं ग्वालदम में पांच साल बाद बर्फबारी होने से लोग खुश हैं। कर्णप्रयाग के चौरासैण, छांतोली, कल्याड़ी, जखेट, खेती, पुनगांव, विषौणा, बैनीताल आदि में दोपहर बाद बर्फबारी हुई। वहीं गौचर के सकंड, ढ़मढ़मा, बरतोली, मझखोला, धनपुर, कांडा, जलगांव, ग्वाड़, धंगडा, देवल आदि गांवों में सुबह हल्की बर्फबारी के बाद दोपहर बाद तेज बर्फबारी शुरू हो गई। गैरसैंण के विधानसभा भवन भराड़ीसैंण, दूधातोली, पनछुया, खांखरा खेत, नंदाठोंकी आदि स्थानों पर हिमपात गिरा। देवाल के लोहाजंग, आयजनटाप, भीकलताल, ब्रह्मताल, रुपकुंड, आली, वेदनी बुग्याल, बगजी बुग्याल बर्फ से ढक गए। वहीं घेस, हिमनी, वाण, हिमनी, बलाण में बर्फबारी जारी है। नारायणबगड़ के ऊंचाई वाले गांव पैंतोली, सणकोट, खांखरखेत, कौनपुरगढ़ी में भी बर्फबारी हुई। थराली में बीस से अधिक गांवों में बर्फ की चादर बिछ गई। थराली के ग्वालदम, कुराड़ सहित 20 से अधिक गांव बर्फबारी से ढक गए। गौचर बरतोली की ग्राम प्रधान बीरा देवी ने बताया कि बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक है। आदिबदरी में भी दिनभर बारिश जारी रही।