महिला ने किया था बेटी का मर्डर, कोर्ट ने दी फांसी की सजा

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अररिया, बिहार के अररिया जिले में हत्या की आरोपी एक मां (35 वर्ष) को अदालत ने फांसी की सजा सुनायी है. व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी महिला के गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाये, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाये.
सरकारी वकील प्रभा कुमारी ने बताया कि स्पीडी ट्रायल के तहत मामले की सुनवाई हुई. अररिया सिविल कोर्ट में एडिजे चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने नरपतगंज निवासी एक महिला को फांसी की सजा सुनाई. साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में कहां कि महिला को फांसी के फंदे पर तक तक लटकाया जाय, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाय.साथ ही, कोर्ट ने धारा 328 के अंतर्गत 7 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना भी लगाया. वहीं धारा 201/120बी के अंतर्गत 5 साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने कहा कि जुर्माना की राशि नहीं देने पर 18 महीने की अतिरिक्त सजा का आदेश दिया है.
सरकार की ओर से एपीपी (सहायक लोक अभियोजक) प्रभा कुमारी ने बताया कि, यह सजा एसटी 582/2023 और नरपतगंज थाना कांड संख्या 380/2023 में सुनायी गयी है. इस मामले में अभियुक्त पूनम देवी का ट्रायल चल रहा था. जिसमें 302, 201, 120बी और 328 में चार्ज फ्रेम हुआ. जिसमें 302 में मुत्युदंड मिला है.
एपीपी प्रभा कुमारी ने बताया कि, 10 जुलाई 2023, उस दिन बच्ची ने अपने मां को किसी के साथ संबंध बनाते देख लिया था. पति पंजाब में नौकरी करता था. वो घर आनेवाला था. महिला को शक हुआ कि उसकी बच्ची अपने पिता को पूरा सच बता देगी. जिस कारण महिला ने बच्ची को पहले खाने में जहर (कीटनाशक) खिला दिया. जब वो बेहोश हो गई तो चाकू से पेट, गला और सिर में कई वार किए, जिससे उसकी मृत्यु हो गई.
उन्होंने कहा कि, इसके बाद, महिला ने बच्ची के शव को एक कमरे में मक्के के ढेर में छिपा दिया. फिर उसने शोर मचा कर सबको यह बताया कि उसकी बच्ची का अपहरण हो गया. आसपास के गांव से सगे-संबंधी पहुंचे. पुलिस को इसकी जानकारी दी गई. हालांकि बाद में शव को उसी ने ढूंढा.
पोर्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्ची के पेट, चेहरे और गले पर गहरे निशान थे. बिसरा जांच के लिए भागलपुर भेजा गया. जिसमें जहर पाया गया. इस जहर का प्रयोग कीटनाशक में होता है.
स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामले में जिले के नरपतगंज थाना में 2023, 11 जुलाई को केस दर्ज किया गया था. जांच के बाद साल 2024, पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया. कोर्ट के आरोप गठित करने के बाद मामले में आरोपी मां ने अपना पक्ष रखा. जिसके बाद से मामले की सुनवाई जारी थी. आखिरकार गुरुवार को कोर्ट ने महिला को दोषी पाया और फांसी की सजा सुनाई.
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